
छपका में भावनाओं का सैलाब: नन्दलाल धर द्विवेदी की पुत्री की विदाई में नम हुईं आंखें
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो: कमलेश पाण्डेय
📞 8382048247
दिनांक: 22 अप्रैल 2026
छपका क्षेत्र बुधवार को एक ऐसे भावुक पल का साक्षी बना, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। श्री नन्दलाल धर द्विवेदी जी की पुत्री की विदाई पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं सामाजिक मर्यादाओं के साथ संपन्न हुई।
विवाह समारोह में वर पक्ष से राहुल तिवारी, पुत्र श्री प्रदीप तिवारी, निवासी औबरा शामिल रहे।
यह अवसर जहां एक ओर खुशियों और नई शुरुआत का प्रतीक था, वहीं दूसरी ओर अपनों से बिछड़ने की वेदना ने पूरे माहौल को अत्यंत मार्मिक बना दिया। सुबह से ही द्विवेदी परिवार के आवास पर उत्सव का वातावरण बना रहा। रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों का लगातार आगमन होता रहा।
घर-आंगन में गूंजते मंगल गीतों और विधि-विधान से सम्पन्न होती रस्मों के बीच विदाई की तैयारियां की गईं। हर चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन आंखों में विदाई का दर्द साफ झलक रहा था।
जैसे ही विदाई का समय नजदीक आया, माहौल और भी भावुक हो गया। बेटी ने अपने माता-पिता, भाई-बहनों और परिजनों से गले मिलकर विदा ली। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।
पिता श्री नन्दलाल धर द्विवेदी ने भारी मन से अपनी लाडली को विदा करते हुए उसके सुखमय, सफल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान माता-पिता खुद को संभाल नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसुओं की अविरल धारा बह निकली। पूरा आंगन सिसकियों से गूंज उठा।
परिवारजनों एवं उपस्थित गणमान्य लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देते हुए उनके दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि की कामना की। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि उनका जीवन प्रेम, विश्वास और खुशियों से परिपूर्ण रहे।
यह विदाई केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक बेटी के जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है—जहां वह अपने सपनों को साकार करने के लिए एक नए घर की ओर कदम बढ़ाती है। माता-पिता के लिए यह पल गर्व और संवेदना का अनूठा संगम होता है।
“बेटी की विदाई वह क्षण है, जहां आंसुओं में भी अनगिनत दुआएं छिपी होती हैं।”