
सोनभद्र: भैंसवार में चकबंदी की कथित अनियमितताओं के विरोध में किसानों का धरना 410वें दिन भी जारी
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
घोरावल (सोनभद्र)। घोरावल तहसील क्षेत्र के भैंसवार गांव में चकबंदी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार 410वें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को भी किसान सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक धरना स्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों के समर्थन में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच एवं न्याय की मांग उठाई।
धरने का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के जिलाध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने बताया कि भैंसवार गांव में लगभग 1470 खातेदार हैं, जिनमें बड़ी संख्या में किसान चकबंदी प्रक्रिया से प्रभावित बताए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि चकबंदी विभाग ने किसानों द्वारा दाखिल की गई करीब 450 आपत्तियों का निस्तारण एक ही दिन में कर उन्हें खारिज कर दिया, जिससे किसानों में भारी असंतोष है।
किसानों का आरोप है कि चकबंदी की कार्यवाही के दौरान कई लोगों से काम कराने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई और कुछ किसानों को मजबूरी में पैसे भी देने पड़े। उनका कहना है कि यदि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो कई गंभीर अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
धरनारत किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक चकबंदी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करने तथा किसानों की आपत्तियों पर पारदर्शी तरीके से पुनर्विचार करने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
किसानों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को न्याय मिल सके। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और आंदोलन को आगे भी जारी रखने का संकल्प दोहराया