
सोनभद्र: कोन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से साइबर ठगी की शिकार महिला को मिली बड़ी राहत, पूरे 50 हजार रुपये कराए वापस
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र। जिले की कोन थाना पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार हुई एक महिला को बड़ी राहत देते हुए सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की तत्परता, साइबर टीम की सक्रियता और समय पर की गई कार्रवाई के चलते महिला के खाते से ठगे गए पूरे 50 हजार रुपये वापस करा दिए गए। यह राशि दो चरणों में पीड़िता के बैंक खाते में सफलतापूर्वक स्थानांतरित की गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कुड़वा निवासी पूजा देवी, पत्नी विजय कुमार, ऑनलाइन साइबर ठगी का शिकार हो गई थीं। ठगी का एहसास होते ही उन्होंने बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही कोन थाना की साइबर टीम तत्काल सक्रिय हो गई और संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर धोखाधड़ी की गई राशि को होल्ड करा दिया, जिससे रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सका।
साइबर टीम के लगातार प्रयासों का परिणाम यह रहा कि पहले चरण में पीड़िता के खाते में 30 हजार रुपये वापस कराए गए। इसके बाद आवश्यक बैंकिंग प्रक्रिया पूरी होने पर गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को शेष 20 हजार रुपये भी उनके मूल बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस स्थानांतरित कर दिए गए। इस प्रकार महिला को साइबर ठगी में गई पूरी 50 हजार रुपये की राशि वापस मिल गई।
अपनी पूरी धनराशि वापस मिलने पर पूजा देवी और उनके परिजनों ने कोन थाना पुलिस एवं साइबर टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती, तो उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलना मुश्किल हो जाता।
कोन थाना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। त्वरित सूचना मिलने पर पुलिस और संबंधित बैंक समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर धोखाधड़ी की गई राशि को होल्ड कराकर पीड़ित की आर्थिक क्षति को कम करने का प्रयास कर सकते हैं।
पुलिस ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेन-देन के प्रति सतर्क रहें और साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे प्रभावी उपाय है।