
नरायनपुर में जर्जर सड़क बनी मुसीबत, तीन किलोमीटर लंबा जाम, राहगीर और व्यापारी बेहाल
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
नरायनपुर (मिर्जापुर)। क्षेत्र में जर्जर और ध्वस्त सड़क अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। सड़क की बदहाल स्थिति के चलते आए दिन भीषण जाम लग रहा है, जिससे आमजन, व्यापारी, छात्र-छात्राएं तथा वाहन चालक भारी कठिनाइयों का सामना करने को मजबूर हैं। सोमवार को भी सड़क की खराब हालत के कारण नरायनपुर त्रिमुहानी से रानीबाग अदलहाट तक करीब तीन किलोमीटर से अधिक लंबा जाम लग गया। समाचार लिखे जाने तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
चिलचिलाती धूप और उमस भरे मौसम में पैदल राहगीरों तथा दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों की हालत खराब हो गई। जाम के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने और यातायात सुचारु करने के लिए स्थानीय पुलिस चौकी नरायनपुर की टीम लगातार मशक्कत करती रही, लेकिन सड़क की दयनीय स्थिति के कारण जाम बार-बार लगता रहा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस चौकी नरायनपुर से शेरपुर तक का यह मुख्य मार्ग निर्माण के महज एक वर्ष के भीतर ही जगह-जगह से टूटकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गया है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है। ग्रामीणों और व्यापारियों द्वारा कई बार संबंधित विभाग से शिकायत किए जाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया।
लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी केवल गड्ढों में मिट्टी और गिट्टी डालकर खानापूर्ति कर देते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क पर बिछाई गई गिट्टी वाहनों के पहियों से उछलकर राहगीरों और दुकानदारों को चोटिल कर रही है। वहीं, वाहनों के आवागमन से उड़ने वाली धूल ने बाजार क्षेत्र का वातावरण दूषित कर दिया है। धूल के गुबार से दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है तथा स्थानीय नागरिकों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय नागरिकों राकेश सिंह, अनिल सिंह, केशरी सिंह, आनंद सिंह, कमलेश यादव, शशांक सिंह, मनोज सिंह सहित अनेक लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने तथा स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र ही सड़क का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है और इसकी बदहाली से हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि जाम, दुर्घटनाओं और धूल प्रदूषण की समस्या से लोगों को राहत मिल सके।