
नो-एंट्री के बावजूद गिट्टी लदे दो हाईवा शहर में घुसे, ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर। थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में नो-एंट्री व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार सुबह करीब 8:52 बजे बिकना रोड अंडरपास से अमोई मार्ग, जो ग्रामीण एवं स्थानीय आवागमन का रास्ता है, के रास्ते गिट्टी लदे दो हाईवा ट्रकों को नो-एंट्री के बावजूद शहर की ओर प्रवेश करते देखा गया।
बताया गया कि दोनों हाईवा ट्रक इटवा और लंका पहाड़ी होते हुए अपने गंतव्य की ओर चले गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस समय नो-एंट्री व्यवस्था लागू थी, उस दौरान मौके पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद दोनों भारी वाहनों को आगे जाने दिया गया। इससे नो-एंट्री नियमों के पालन और यातायात व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय निवासी कातिया, बलवंत, अखिलेश और प्रशांत का आरोप है कि संबंधित पिकेट पर ट्रैफिक पुलिस के एक कर्मचारी और होमगार्ड के एक जवान की तैनाती रहती है। इसके बावजूद भारी वाहनों का इस तरह प्रवेश करना व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नो-एंट्री के समय भी भारी वाहनों को इसी तरह रास्ता दिया जाता रहा तो दुर्घटना और जाम की आशंका बनी रहेगी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिकेट पर तैनात कर्मचारी सभी वाहनों के लिए समान नियम लागू करने के बजाय अपनी सुविधा और मर्जी के अनुसार वाहनों को आगे जाने देते हैं। इससे आम राहगीरों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों ने यातायात पुलिस और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कराने, नो-एंट्री व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने तथा पिकेट पर तैनात कर्मियों की भूमिका की निगरानी किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियम सभी के लिए समान हैं तो नो-एंट्री के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश की अनुमति कैसे मिली, इसकी जांच आवश्यक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नो-एंट्री व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर भी प्रभावी रूप से लागू होनी चाहिए, ताकि शहर में जाम और सड़क हादसों की आशंका को कम किया जा सके।