
कोल, मुसहर व धरकार को ST में शामिल करने की मांग तेज, राष्ट्रपति को भेजा गया ज्ञापन
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो: कमलेश पाण्डेय
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मिर्जापुर, 27 मार्च 2026।
जनपद मिर्जापुर में कोल, मुसहर और धरकार समाज को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किए जाने की मांग अब तेज हो गई है। दलित कोल आदिवासी संगठन, मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई की अपील की गई है।
संगठन के पदाधिकारियों ने अपने ज्ञापन में बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में इन जातियों को अनुसूचित जाति (SC) की श्रेणी में रखा गया है, जबकि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों में इन्हें अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है। इस असमानता के कारण उत्तर प्रदेश के इन समुदायों को अपेक्षित अधिकार और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्वतंत्रता के 77 वर्ष बाद भी कोल, मुसहर और धरकार समाज विकास की मुख्यधारा से काफी पीछे है। प्रदेश में इनकी आबादी लगभग 45 से 50 लाख के बीच बताई गई है, बावजूद इसके इन्हें आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
🔹 प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
• कोल, मुसहर और धरकार जातियों को उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिया जाए।
• वनाधिकार अधिनियम 2006-07 को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
• जंगल किनारे बसे आदिवासियों के घरों को न गिराया जाए।
• भूमिहीन आदिवासियों को आवासीय एवं कृषि भूमि का पट्टा दिया जाए।
• आदिवासियों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाए।
संगठन के प्रतिनिधियों—ग्राम प्रधान महेश प्रसाद कोल (खोराडीह), महादेव, सुरेश बौद्ध, रमेश मास्टर, महेंद्र कोल, अरुण कोल, लालबहादुर कोल, अर्जुन कोल सहित अन्य सदस्यों ने महामहिम राष्ट्रपति से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्यायोचित निर्णय लेने की अपील की है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि सरकार इन मांगों को स्वीकार करती है, तो कोल, मुसहर और धरकार समाज सदैव आभारी रहेगा। इस दौरान हजारों की संख्या में विभिन्न समुदायों के लोग उपस्थित रहकर इस मांग का समर्थन करते नजर आए।