
श्री विंध्य पंडा समाज की मांग: लंबित चुनाव जल्द कराने और मंदिर परिसर में रील-कंटेंट बनाने पर रोक लगाने की चेतावनी
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
प्रसिद्ध धार्मिक स्थल विंध्यवासिनी मंदिर की पवित्रता और समाज की व्यवस्था को लेकर तीर्थ पुरोहितों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी सिलसिले में विंध्य पंडा समाज के प्रमुख सदस्य शनि दत्त पाठक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर मजिस्ट्रेट को एक मांग पत्र सौंपा। इस पत्रक के माध्यम से प्रशासन से श्री विंध्य पंडा समाज का लंबे समय से लंबित चुनाव अविलंब कराने और मंदिर परिसरों में बढ़ रही अमर्यादित गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की पुरजोर मांग की गई है।
*रील और कंटेंट बनाने पर कड़ी आपत्ति*
सौंपे गए पत्रक में विंध्यवासिनी मंदिर, काली खोह और अष्टभुजा मंदिर परिसर में सोशल मीडिया रील और वीडियो कंटेंट बनाने वालों पर तीखी आपत्ति जताई गई है। शनि दत्त पाठक ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह के वीडियो और रील बनाने से मंदिर की मर्यादा भंग हो रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय तीर्थ पुरोहितों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँच रही है। किसी भी कीमत पर इन पवित्र स्थलों को मनोरंजन का साधन नहीं बनने दिया जाएगा।
*गैर-पुरोहितों के दखल और आंदोलन की चेतावनी*
इसके साथ ही, तीनों प्रमुख मंदिरों में बाहरी व गैर-अधिकृत लोगों द्वारा पुरोहिती कार्य (पूजा-पाठ) कराने पर भी कड़ा ऐतराज जताया गया है। तीर्थ पुरोहितों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि इन विकृतियों को जल्द खत्म नहीं किया गया, तो प्रमुख समाज और सर्व समाज मिलकर एक व्यापक जन आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
प्रशासन का रुख
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर मजिस्ट्रेट ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने तीर्थ पुरोहितों को आश्वस्त किया है कि इस विषय पर तत्काल उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को निर्देशित किया जाएगा