
कुत्ता काटने पर किशोरी की हुई थी मौत रोजाना 80 से ज्यादा हो रहे शिकार
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
जिले में सड़क पर घूमने वाले कुत्तों का आतंक कम नहीं है। शहर में रोज 80 से 100 लोग कुत्तों के काटने के शिकार हो रहे हैं। पिछले महीने चुनार के रैपुरिया में एक किशोरी की कुत्ता काटने से रेबीज का तीन इंजेक्शन लगने के बाद उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े में भी रेबीज से एक के मौत की पुष्टि हुई है।जमुई : चुनार थाना क्षेत्र निवासी रैपुरिया गांव निवासी गजला बानो 17 पुत्री मुनव्वर अली की कुत्ता काटने से मौत हो गई थी। गजला के चचेरे भाई खुर्शीद अली ने बताया कि पिछले माह गजला घर में दरवाजे के पास सो रही थी।रात के अंधेरे में दाहिना आंख के ऊपर पागल कुत्ता काट लिया। उसी सीएचसी चुनार ले जाया गया। जहां उसे एंटी रेबीज का तीन इंजेक्शन लगा। तीसरा इंजेक्शन 22 जुलाई को लगा। चौथा इंजेक्शन पांच अगस्त को लगना था। 23 जुलाई को उसकी मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया।
उसे दफन कर दिया। एसीएमओ डाॅ. मुकेश कुमार ने बताया कि पिछले एक वर्ष में जिले में रेबीज से एक की मौत हुई है। मंडलीय अस्पताल व सीएचसी-पीएचसी लेकर 42 स्थानों पर एंटी रेबीज का इंजेक्शन है जो रोज पीड़ितों को लग रहा है।
जनवरी से जुलाई तक लग चुके हैं 5764 मरीजों को पहला इंजेक्शन : मंडलीय अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से लेकर जुलाई तक सात माह में 5764 मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन का पहला डोज लगाया गया है। प्रतिदिन मंडलीय अस्पताल मेंं 30 से 35 कुत्ते के काटने के शिकार लोग आते हैं। इनको कुल चार डोज लगाया जाता है।