
_एक घर में मिली तीन लाशें: मिर्जापुर में मां ने दो बच्चों के मुंह में कपड़ा ठूंस कर मार डाला, खुद फंदे से झूली_
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र के सेमरी गांव में महिला ने अपने दो बच्चों के मुंह में कपड़ा ठूंस कर मार डाला। इसके बाद फंदे से लटक आत्महत्या कर ली।यूपी के मिर्जापुर स्थित कछवां थाना क्षेत्र के सेमरी गांव के मदरसा मोहल्ला निवासी संगीता देवी (35) ने शनिवार को दो बेटों शिवांश (3 वर्ष 8 माह) और शुभंकर (18 माह) के मुंह में कपड़ा ठूंस कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद बांस पर रस्सी से फंदा लगा कर जान दे दी। घटना के समय घर पर कोई नहीं थामहिला अंधविश्वासी थी
शाम को पति हरिश्चंद्र बिंद घर पहुंचे तो घटना का पता चला। सूचना पर सीओ सदर अमर बहादुर ने फोरेंसिक टीम के साथ जांच पड़ताल की। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला अंधविश्वासी थी। आशंका है कि इसी के चलते उसने यह कदम उठाया होगाजमीन पर लेटे थे बच्चे
सीओ सदर अमर बहादुर ने बताया कि संगीता देवी शुक्रवार को ही चंदौली स्थित मायके से दोनों बच्चों के साथ ससुराल लौटी थी। परिवार कच्चे मकान में रहता है। पति हरिश्चंद्र बिंद शनिवार की सुबह 10 बजे घर से काम के लिए निकले थे। शाम पांच बजे हरिश्चंद्र घर लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने पर दरवाजा नहीं खुला तो झरोखे से जाकर देखा कि बच्चे जमीन पर लेटे थे। उसे लगा कि सभी सो रहे हैं। इस पर वह गांव में घूमने चला गया।
बच्चे जमीन तो मां फंदे से लटकी हुई थी
करीब घंटे भर बाद लौटा और दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। इसके बाद वह दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा। देखा कि बच्चे जमीन पर मृत पड़े हैं और पत्नी का शव फंदे से लटका हुआ था। सूचना पर कछवां थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पति और मायकेवालों से बात की। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मां झाड़-फूंक में विश्वास करती थी
पुलिस की प्रारंभिक जांच और पति के बयान से सामने आया है कि महिला अंधविश्वासी थी। झाड़-फूंक में विश्वास करती थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी के चलते उसने यह कदम उठाया होगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है