
_दो किमी सड़क निर्माण के लिए सात साल से चक्कर लगा रहे ग्रामीण_
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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चतरा ब्लॉक के कुसुम्हा से लखनवार गांव को जोड़ने वाला करीब दो किमी लंबा संपर्क मार्ग का निर्माण कराने के लिए ग्रामीण सात साल से अधिकारियों का चक्कर लगा रहे हैं। मगर हर बार ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। सात साल बीत जाने के बाद भी संपर्क मार्ग का निर्माण नहीं हो सका है। इससे न सिर्फ दोनों गांव के ग्रामीणों को आने जाने में दिक्कत हो रही है, बल्कि हल्की बरसात होने पर बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं।
क्षेत्र के लोगों की मानें तो विकास खंड चतरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कुसुम्हा में घाघर मुख्य नहर पर स्थित काली माता मंदिर से लखनवार गांव तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो गया है। इस संपर्क मार्ग पर सिर्फ मिट्टी का काम हुआ है।इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीणों का आवागमन होता है। लंबे समय से ग्रामीण इस संपर्क मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं। कुसुम्हा गांव के राजेंद्र प्रसाद मौर्य, विनोद कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए बीते 23 फरवरी को सांसद छोटेलाल खरवार से मिलकर ज्ञापन दिए थे और सड़क निर्माण कराए जाने की मांग किए थे।
बावजूद इसके सड़क का निर्माण कार्य नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि कुसुम्हा ग्राम पंचायत में घाघर मुख्य नहर स्थित काली माता मंदिर से शिवकुमार मौर्य, विनोद मौर्य के घर से होते हुए लखनवार संपर्क मार्ग की कुल लंबाई करीब दो किमी है। इस मार्ग पर दोनों गांव के करीब एक हजार लोगों का आवागमन होता है। इसी मार्ग से दोनों गांव के बच्चे स्कूल को आते जाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार हल्की बारिश होने पर यह संपर्क मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है। संपर्क मार्ग पर घुटने तक मिट्टी से होकर लोग आते जाते हैं। ऐसे में छोटे बच्चों के लिए आवागमन करना मुश्किल हो जाता है। अच्छी सड़क नहीं होने की वजह से बारिश के दिनों में अक्सर बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कुसुम्हा से लखनवार संपर्क मार्ग का निर्माण कराए जाने की मांग की है। ताकि ग्रामीणों को आवागमन में असुविधा न हो।