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मिर्जापुर में रुद्रा पैथोलॉजी लैब की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पूर्व शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार

मिर्जापुर में रुद्रा पैथोलॉजी लैब की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पूर्व शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

सीएमओ से संपर्क करने का प्रयास, फोन नहीं उठने पर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल

मिर्जापुर। जनपद मिर्जापुर स्थित रुद्रा पैथोलॉजी लैब की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। उक्त पैथोलॉजी लैब के संबंध में पूर्व में भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद अब तक संबंधित मामले में क्या जांच हुई और क्या कार्रवाई की गई, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।

मामले को लेकर माननीय मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर पर संपर्क कर पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।

सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यदि रुद्रा पैथोलॉजी लैब का पंजीकरण वैध है, तो वहां किस पैथोलॉजिस्ट अथवा योग्य चिकित्सक की देखरेख में जांच कार्य किया जा रहा है? संबंधित चिकित्सक की शैक्षणिक योग्यता, पंजीकरण, लैब संचालन की अनुमति और निर्धारित मानकों का भी सत्यापन कराया जाना आवश्यक है।

इसके साथ ही मांग उठ रही है कि संबंधित लैब के पिछले तीन महीने के सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता और रिकॉर्ड की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लैब में वास्तव में कौन कार्य कर रहा था और निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

अब स्वास्थ्य विभाग से सीधे सवाल हैं—

क्या रुद्रा पैथोलॉजी लैब का पंजीकरण वर्तमान में वैध है?

लैब में किस योग्य पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति है?

क्या पिछले तीन महीने के सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कराई जाएगी?

पूर्व में की गई शिकायत पर क्या जांच हुई और क्या कार्रवाई की गई?

क्या स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच करेगी?

जनहित में मांग है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सक्षम अधिकारियों की टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराएं तथा जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करें। साथ ही शिकायतकर्ता को बिंदुवार जांच एवं कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है। आखिरकार सवाल मरीजों की सेहत और उनकी जिंदगी से जुड़ा है।


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