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सोनभद्र में गांजा तस्करी के शातिर खेल का पर्दाफाश, कार के गुप्त केबिन से 60.5 किलो गांजा बरामद

सोनभद्र में गांजा तस्करी के शातिर खेल का पर्दाफाश, कार के गुप्त केबिन से 60.5 किलो गांजा बरामद


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

30 लाख रुपये बताई जा रही नशे की खेप की कीमत, शाहजहांपुर के दो तस्कर गिरफ्तार; लग्जरी कार से दूसरे जिलों तक पहुंचाते थे गांजा

सोनभद्र। जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सोनभद्र पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने तस्करों के एक ऐसे शातिर तरीके का पर्दाफाश किया है, जिसे जानकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। तस्करों ने पुलिस की सामान्य चेकिंग और निगरानी से बचने के लिए लग्जरी कार को ही तस्करी का सुरक्षित ठिकाना बना रखा था। इसके लिए कार के भीतर बाकायदा एक विशेष गुप्त केबिन तैयार कराया गया था, जिसमें गांजे के पैकेट छिपाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाए जा रहे थे।

हालांकि, तस्करों की यह चालाकी सोनभद्र पुलिस के सामने ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। ऑपरेशन शुद्धि के तहत सक्रिय पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सुजुकी सियाज कार की तलाशी ली तो उसके गुप्त केबिन से तीन प्लास्टिक के कट्टों में रखे गांजे के कुल 43 पैकेट बरामद हुए। इनका कुल वजन 60 किलो 500 ग्राम पाया गया। पुलिस ने मौके से शाहजहांपुर निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही लग्जरी कार को भी कब्जे में ले लिया है।

मुखबिर की सूचना पर लोढ़ी में बिछाया गया जाल, कार की तलाशी में खुला राज

मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) मेविस टॉक ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ऑपरेशन शुद्धि के तहत पुलिस को तस्करी की सूचना मिलने पर बुधवार की रात ग्राम लोढ़ी स्थित टीवीएस गोदाम के पास संदिग्ध वाहनों की निगरानी और चेकिंग के लिए घेराबंदी की गई।

इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संदिग्ध लग्जरी कार को रोककर उसकी सघन तलाशी ली गई। शुरुआती तलाशी में कार के अंदर कुछ भी असामान्य नजर नहीं आया, लेकिन पुलिस ने जब बारीकी से जांच की तो वाहन में बनाए गए विशेष गुप्त केबिन का पता चला। केबिन खोलकर देखा गया तो उसमें तीन प्लास्टिक के कट्टों में गांजे के पैकेट छिपाकर रखे गए थे। गिनती करने पर कुल 43 पैकेट मिले, जिनका वजन 60 किलो 500 ग्राम निकला। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने तत्काल दोनों कार सवार युवकों को हिरासत में ले लिया।

सामान्य चेकिंग में पकड़ में नहीं आती थी खेप, कार को बनाया था चलता-फिरता तस्करी का ठिकाना

तस्करों ने गांजे की खेप को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए कार में गुप्त केबिन बनवाया था। इसी विशेष व्यवस्था के जरिए गांजे के पैकेट छिपाकर ले जाए जा रहे थे, ताकि बाहर से वाहन की सामान्य तलाशी लेने पर नशे की खेप का पता न चल सके। लग्जरी कार का इस्तेमाल किए जाने से तस्करों को रास्ते में पुलिस की चेकिंग से बच निकलने की उम्मीद थी। लेकिन पुलिस की सतर्कता और मुखबिर तंत्र के आगे उनका यह पूरा इंतजाम बेकार साबित हुआ।

शाहजहांपुर के दो युवक गिरफ्तार, सप्लाई नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

पुलिस ने मौके से गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान सत्यम यादव (21 वर्ष) पुत्र राजेश्वर यादव तथा सीबू अली (24 वर्ष) पुत्र सब्बन अली, निवासी जनपद शाहजहांपुर के रूप में की है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि गांजे की इतनी बड़ी खेप आखिर कहां से लाई गई थी, इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था और इस अवैध कारोबार में इनके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तस्करी में प्रयुक्त कार किसके नाम पर पंजीकृत है और उसमें गुप्त केबिन तैयार कराने के पीछे किन लोगों की भूमिका रही है। इसके साथ ही तस्करी के संभावित सप्लाई नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और अन्य संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

30 लाख का गांजा बरामद, एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

पुलिस के अनुसार बरामद 60 किलो 500 ग्राम गांजे की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। तस्करी में प्रयुक्त सुजुकी सियाज कार को एनडीपीएस एक्ट की धारा 60 के तहत कब्जे में लिया गया है। इस मामले में थाना रॉबर्ट्सगंज पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/27/29/60/61 के तहत अभियोग पंजीकृत कर आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

एसओजी और रॉबर्ट्सगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मिली बड़ी कामयाबी

इस बड़ी कार्रवाई में एसओजी प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा मय टीम, प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज धर्मेंद्र सिंह, निरीक्षक बनारसी यादव, उपनिरीक्षक धर्मनारायण भार्गव, उमाशंकर यादव, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, अमरजीत यादव तथा कांस्टेबल राम सिंह और हरिश्चन्द्र शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का लक्ष्य केवल नशे की खेप पकड़ना ही नहीं, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचकर अवैध कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना है।


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