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बरसात में बदहाल सड़क बनी मुसीबत, चेरवाडीह के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन 

बरसात में बदहाल सड़क बनी मुसीबत, चेरवाडीह के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन 


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, जलभराव से बढ़ा हादसे का खतरा; वर्षों से निर्माण की मांग के बावजूद नहीं हुई सुनवाई

कोन/सोनभद्र। बरसात शुरू होते ही कोन ब्लॉक के चेरवाडीह गांव की बदहाल सड़क ग्रामीणों और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से आवागमन मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर सड़क और गड्ढों के बीच अंतर करना भी मुश्किल हो रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। लंबे समय से सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग पूरी न होने से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर प्रदर्शन कर जिम्मेदार विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।

प्रदर्शन में संजय जायसवाल, आनंद जायसवाल, अजित जायसवाल, प्रदुमन गुरुजी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2014 में लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से चेरवाडीह से होकर गुजरने वाली सड़क का निर्माण कराया गया था। निर्माण के कुछ वर्षों बाद ही सड़क की हालत बिगड़ने लगी। समय पर मरम्मत और रखरखाव नहीं होने के कारण अब सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी हुई सड़क राहगीरों के लिए खतरा बन गई है।

यह सड़क चेरवाडीह को गिद्धिया, चिवटहियां, अजनिया, ढूंढियाही, बहुरिया बथान और सदूआरी समेत कई गांवों से जोड़ती है। इन गांवों के ग्रामीण रोजाना इसी मार्ग से बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में किसी तरह आवागमन हो जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में स्थिति बेहद खराब हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे दोपहिया वाहन चालकों के गिरने और गंभीर हादसे होने का खतरा बना रहता है। कई बार वाहन चालक इन गड्ढों से बचने के प्रयास में सड़क के किनारे उतरने को मजबूर हो जाते हैं।

ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि सड़क की तत्काल जांच कराकर गड्ढों की मरम्मत कराई जाए और जर्जर सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दौरान ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत या निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।


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