
विंध्याचल में दिव्यांगों के हक पर नगर पालिका की क्रूर लापरवाही: झाड़ियों में जकड़ीं ‘निःशुल्क गोल्फ कार्ट’, STP परिसर में कबाड़ बनीं लाखों की ई-गाड़ियां
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
*फोटो और प्रचार में बटोरा नाम, अब लताओं और जंग के हवाले; विंध्य धाम आने वाले अशक्त-वृद्ध श्रद्धालुओं के संसाधनों पर फिरा पानी*
विंध्याचल / मीरजापुर:
विंध्याचल धाम आने वाले वृद्ध, अशक्त और दिव्यांग श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा कराने का दावा करने वाली नगर पालिका परिषद मीरजापुर की असंवेदनशीलता उजागर हो गई है। लाखों रुपये की लागत से मंगाई गई निःशुल्क गोल्फ कार्ट और ग्रीन ई-बसें श्रद्धालुओं की सेवा में लगने के बजाय विंध्याचल STP परिसर में झाड़-झंखाड़ और कीचड़ के बीच सड़ रही हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट: झाड़ियों में दफन सरकारी बजट का सच
लताओं और जंग में फंसी गोल्फ कार्ट: मौके पर मौजूद आधा दर्जन से अधिक गोल्फ कार्ट्स पर जंगली घास और बेलें चढ़ चुकी हैं। गाड़ियां महीनों से खुले आसमान के नीचे लावारिस खड़ी हैं, जिससे इनकी महंगी बैटरियां और पुर्जे पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं।
प्रचार का खोखला खेल: इन वाहनों के बोनट पर बाकायदा पोस्टर चस्पा है—”दिव्यांग एवं अशक्त जनों को निःशुल्क गोल्फ कार्ट, सौजन्य: नगर पालिका परिषद मीरजापुर”; लेकिन हकीकत यह है कि प्रचार के बाद इन वाहनों को जनता के सुपुर्द करने के बजाय बियाबान में कबाड़ होने के लिए फेंक दिया गया।
पंप हाउस के बाहर ग्रीन बस लावारिस: सीवेज फीड पंप हाउस के पास खड़ी बड़ी ग्रीन पैसेंजर ई-बस भी धूल फांक रही है। जिस समय विंध्य कॉरिडोर में बुजुर्गों और दिव्यांगों को गोल्फ कार्ट की सख्त जरूरत होती है, उस समय पालिका के यह वाहन जंग खा रहे हैं।
पालिका प्रशासन से सीधे सवाल:
जब दिव्यांगों और वृद्धों को सेवा नहीं देनी थी, तो लाखों रुपये के इन ई-वाहनों की खरीद किसके फायदे के लिए की गई?
सरकारी और सीएसआर (CSR) मद से आई इन गाड़ियों को जंग और झाड़ियों के हवाले छोड़ने का जिम्मेदार कौन है?
क्या बंद पड़ी गाड़ियों के रखरखाव और चार्जिंग के नाम पर भी कागजों में बजट खपाया जा रहा है?