
सोनभद्र में महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, राबर्ट्सगंज स्थित सिंह हेल्थ केयर सील, एफआईआर भी दर्ज
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र। जनपद में एक महिला मरीज की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राबर्ट्सगंज स्थित सिंह हेल्थ केयर को सील कर दिया है। मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। इस कार्रवाई के बाद जिले के निजी अस्पतालों और कथित झोलाछाप चिकित्सा संस्थानों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, महिला मरीज का इलाज सिंह हेल्थ केयर में चल रहा था। इलाज के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रमेश मिश्रा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई की। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. गुलाब शंकर के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के बाद अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। एसीएमओ ने अस्पताल सील किए जाने तथा एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है।
इस घटना के बाद जिले में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और कथित झोलाछाप डॉक्टरों की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से ऐसे कई संस्थान नियमों की अनदेखी कर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायतें दिए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरते हैं, इसके बावजूद ऐसे संस्थानों के संचालन पर समय रहते कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी। लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी होती तो संभवतः ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
जिले में अवैध अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सकों की वास्तविक संख्या को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा समय-समय पर जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जिले में संचालित कथित झोलाछाप चिकित्सकों और अवैध अस्पतालों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की जाती रही है। हालांकि अब तक इस संबंध में विस्तृत और अद्यतन सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने से लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, नियमों का उल्लंघन या अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।