
30 दिन में सरेंडर नहीं किया तो होगी संपत्ति कुर्क — गोकशी के वांछित आरोपी साहबे आलम के घर चस्पा हुई न्यायालय की उद्घोषणा
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
मीरजापुर/सोनभद्र सीमा क्षेत्र में गोवंश तस्करी प्रकरण में फरार चल रहे वांछित अभियुक्त साहबे आलम उर्फ साहब उर्फ डॉक्टर पुत्र सेराजुद्दीन निवासी ग्राम खुटहनिया थाना करमा जनपद सोनभद्र के विरुद्ध न्यायालय द्वारा धारा 84 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत उद्घोषणा जारी की गई है।
बताया गया कि दिनांक 21 फरवरी 2026 को धनसिरिया माइनर के पास एक पिकअप वाहन से 06 रास गोवंश बरामद किए गए थे। इस संबंध में थाना राजगढ़ पर मुकदमा अपराध संख्या 30/2026 धारा 3/5A/8 गोवध निवारण अधिनियम एवं धारा 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत करन जायसवाल, साहबे आलम व चालक प्रदीप के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
विवेचना के दौरान अभियुक्त लल्लू नट उर्फ मेहंदी हसन का नाम भी प्रकाश में आया। पुलिस द्वारा करन जायसवाल व लल्लू नट को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि साहबे आलम लगातार फरार चल रहा है।
पुलिस द्वारा लगातार दबिश देने के बावजूद गिरफ्तारी न होने पर न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया गया। इसके बाद भी अभियुक्त के हाजिर न होने पर दिनांक 22 मई 2026 को माननीय न्यायालय द्वारा धारा 84 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत उद्घोषणा आदेश जारी किया गया।
प्रभारी निरीक्षक राजगढ़ द्वारा शनिवार को अभियुक्त के घर तथा गांव के सार्वजनिक स्थानों पर उद्घोषणा की प्रति चस्पा कर मुनादी कराई गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि अभियुक्त 30 दिवस के भीतर न्यायालय अथवा पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं होता है तो उसकी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।