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सोनभद्र ने रचा इतिहास — नीति आयोग की रैंकिंग में बना देश का नंबर-1 आकांक्षी जिला सोनभद्र

सोनभद्र ने रचा इतिहास — नीति आयोग की रैंकिंग में बना देश का नंबर-1 आकांक्षी जिला सोनभद्र


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय

8382048247

उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जनपद आज विकास की नई ऊंचाइयों को छूते हुए पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सफल हुआ है। नीति आयोग द्वारा जारी आकांक्षी जिला कार्यक्रम की दिसंबर 2025 की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट में सोनभद्र ने देश के 112 आकांक्षी जिलों को पीछे छोड़ते हुए समग्र विकास (Overall Performance) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि केवल सोनभद्र ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व और सम्मान का विषय बन गई है।

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2025 में जिले का ओवरऑल स्कोर 57.3603 था, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 65.0066 हो गया। जिले ने 7.646 का सर्वाधिक डेल्टा स्कोर हासिल कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया। यह शानदार प्रदर्शन जिले में लगातार किए जा रहे विकास कार्यों, प्रभावी प्रशासनिक मॉनिटरिंग और जनसहभागिता का प्रत्यक्ष परिणाम माना जा रहा है।

कृषि एवं जल संसाधन में देश में दूसरा स्थान

सोनभद्र ने कृषि एवं जल संसाधन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया। किसानों के हित में संचालित योजनाओं, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जल संरक्षण अभियानों तथा ग्रामीण विकास कार्यों का सकारात्मक प्रभाव जिले की प्रगति में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कृषि क्षेत्र का स्कोर 37.9523 से बढ़कर 42.7207 पहुंच गया, जो 4.768 अंकों की महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है।

स्वास्थ्य एवं पोषण में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन

स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में सोनभद्र ने देशभर में छठी रैंक हासिल कर नई मिसाल कायम की। जिले का स्वास्थ्य स्कोर 68.2721 से बढ़कर 86.4586 पहुंच गया, जो 18.187 अंकों की बड़ी छलांग को दर्शाता है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, पोषण अभियानों के प्रभावी संचालन तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का यह सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।

हालांकि शिक्षा, वित्तीय समावेशन एवं आधारभूत संरचना जैसे कुछ क्षेत्रों में अभी और कार्य किए जाने की आवश्यकता है, लेकिन समग्र रूप से सोनभद्र ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनता की सहभाग


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