
विंध्याचल में योगी महाराज जी के फरमान पर पानी फेरता भू-माफिया तंत्र
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
- चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
- 8382048247
विंध्याचल सदर मार्केट की करोड़ों रुपये मूल्य की पुश्तैनी संपत्ति को मात्र 2 लाख रुपये में रजिस्ट्री कराने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आखिर कैसे एक पुश्तैनी भूमि पर सिर्फ बड़े बेटे का अधिकार दिखाकर बाकी चार भाइयों के अधिकारों को नजरअंदाज कर दिया गया? यह सवाल अब हर जागरूक नागरिक और पीड़ित परिवार के युवा सदस्यों के मन में उठ रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते रहे हैं, लेकिन विंध्याचल में उनके आदेशों का असर दिखाई नहीं दे रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि बड़े भाई को नशे और गुमराह कर रजिस्ट्री कराई गई। इतना ही नहीं, रजिस्ट्री के समय दिखाया गया 60 लाख रुपये का चेक भी बाउंस हो गया, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग लगातार की जा रही है।
परिवार का कहना है कि यदि रजिस्ट्री कार्यालय के दस्तावेजों और बैंक खातों की निष्पक्ष जांच करा दी जाए, तो “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या वास्तव में रजिस्ट्री कराने वाले के खाते में इतनी बड़ी रकम आई थी या नहीं? यदि भुगतान नहीं हुआ तो फर्जी तरीके से कराई गई रजिस्ट्री तत्काल निरस्त की जानी चाहिए।
पीड़ित परिवार द्वारा कई बार जिला प्रशासन और जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जनपद स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वे एडीजी जोन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जनता दरबार, लखनऊ या गोरखपुर पहुंचकर अपनी पीड़ा रखेंगे।
अब देखना यह है कि मिर्जापुर प्रशासन निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाता है या फिर भू-माफियाओं के हौसले इसी तरह बुलंद बने रहेंगे।