
ऑफलाइन राशन दुकान बनी ग्रामीणों की परेशानी, कोटेदार पर मनमानी और कालाबाजारी के गंभीर आरोप
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र जनपद के डाला क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटा में संचालित कोटेदार मेराज अहमद की राशन दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में नेटवर्क सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद राशन दुकान को जानबूझकर ऑनलाइन नहीं किया जा रहा, जिससे वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता खत्म हो गई है और कोटेदार की मनमानी चरम पर पहुंच गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभागीय स्तर पर दुकान को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता और कथित मिलीभगत के चलते आज तक व्यवस्था लागू नहीं हो सकी। जबकि जिस स्थान पर दुकान संचालित है वहां पर्याप्त नेटवर्क सुविधा मौजूद है। इतना ही नहीं, गुरमुरा सामुदायिक भवन को भी पहले ऑनलाइन वितरण केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया था, लेकिन बाद में पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
गौरही निवासी इंद्रजीत ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करीब दो माह पूर्व उनके राशन कार्ड पर कोटेदार द्वारा “निरस्त” लिख दिया गया और राशन देने से मना कर दिया गया। कोटेदार की ओर से उन्हें जिला स्तर पर राशन कार्ड संशोधित कराने की सलाह दी गई। लेकिन 7 मई 2026 को ओबरा पूर्ति कार्यालय में जांच कराने पर अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि राशन कार्ड पूरी तरह सही है और उसमें किसी प्रकार की कोई त्रुटि नहीं है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अंत्योदय कार्डधारक कमोदा देवी की लगभग तीन वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। उनके राशन कार्ड में पति राम स्वरूप का नाम दर्ज होने के बावजूद करीब दो वर्षों तक 35 किलो राशन का वितरण दर्शाकर कालाबाजारी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा राशन दुकान को तत्काल ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ने की मांग की है, ताकि पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से राशन मिल सके।