
ड्रमंडगंज घाटी हादसा: 12 मौतों से दहला मिर्जापुर, एक ही परिवार के 8 लोग जिंदा जले, नेताओं ने बंधाया ढांढस
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर जनपद के ड्रमंडगंज घाटी में 22 तारीख को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। ट्रक और बोलेरो की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि मृतकों में से आठ लोग एक ही परिवार के थे, जिससे पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
हादसे के दौरान बोलेरो में सवार सभी नौ लोग, जिनमें चालक भी शामिल था, आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो तुरंत आग का गोला बन गई और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
इस हृदयविदारक घटना के बाद पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही जनप्रतिनिधियों का पीड़ित परिवारों के घर पहुंचने का सिलसिला जारी है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल, जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी और आदर्श यादव ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
इसके अलावा भदोही के पूर्व सांसद रमेश चंद बिंद भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए प्रशासन से पीड़ितों को शीघ्र सहायता दिलाने की मांग की।
फिलहाल प्रशासन द्वारा राहत और मुआवजा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, वहीं हादसे के कारणों की जांच भी जारी है। यह दुर्घटना एक बार फिर घाटी मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलती नजर आ रही है।