
सोनभद्र में मलेरिया उन्मूलन को लेकर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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“अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” थीम पर हुआ व्यापक मंथन
सोनभद्र। जनपद में मलेरिया उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने ठोस कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में “अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” थीम के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी ने पीपीटी के माध्यम से जनपद में मलेरिया की वर्तमान स्थिति, इसके प्रसार के कारण, रोकथाम के उपाय तथा उपचार की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मलेरिया रोगियों की पहचान और इलाज में कई चुनौतियां सामने आती हैं, जिनमें जादू-टोना पर विश्वास, झोलाछाप डॉक्टरों का प्रभाव और जागरूकता की कमी प्रमुख हैं।
उन्होंने विशेष रूप से दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल मलेरिया क्लीनिक के संचालन पर जोर देते हुए कहा कि इससे समय पर जांच और इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में मलेरिया के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी अवगत कराया कि प्रत्येक बुखार से पीड़ित मरीज की मलेरिया जांच जनपद में निःशुल्क की जा रही है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर उन्हें जांच की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
मेडिकल कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष ने मलेरिया के प्रभावी उपचार और समय पर दवा लेने के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
बैठक का समापन अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (वीबीडी) द्वारा किया गया। इस दौरान समस्त अपर एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक तथा सर्वश्री आर.के. सिंह, पी.के. सिंह, अनिल दूबे, कुमार शुभम, देवाशीष पाण्डेय, मधु, जूही सिंह, सभाजीत प्रसाद एवं अरुण कुमार सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
संदेश साफ है — जागरूकता, समय पर जांच और सही इलाज से मलेरिया को हराना संभव है।