
दुद्धी CHC में मरीजों की भीड़, एक्सरे व जांच मशीनें बंद—बिना जांच लौट रहे मरीज
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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वातानुकूलित कक्ष के अभाव में लाखों की मशीनें बेकार, निजी पैथोलॉजी का सहारा लेने को मजबूर मरीज
सोनभद्र (दुद्धी)। भीषण गर्मी और तपन के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को ही करीब चार सौ से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे। पर्ची बनवाने के लिए लंबी कतार में खड़े रहने के बाद किसी तरह ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन जांच व्यवस्था ठप होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डॉक्टरों द्वारा एक्सरे सहित अन्य जांच लिखे जाने के बावजूद मरीज जांच नहीं करा सके। डिजिटल एक्सरे और बायोकेमिस्ट्री एनालाइज़र मशीन कक्ष पर ताला लटका मिला। मरीजों को बताया गया कि मशीनें खराब हैं। ऐसे में दूर-दराज के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र से आए मरीजों को बिना जांच वापस लौटना पड़ा या फिर मजबूरी में निजी पैथोलॉजी केंद्रों का रुख करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि लाखों रुपये की डिजिटल एक्सरे मशीन वातानुकूलित कक्ष के अभाव में धूल फांक रही है। वहीं, पीओसीटी के तहत स्थापित सेलेक्टरा जांच मशीन भी पिछले कई महीनों से खराब पड़ी है। बायोकेमिस्ट्री एनालाइज़र मशीन के बंद होने से मरीजों को खून समेत अन्य जरूरी जांचों के लिए बाहर जाना पड़ रहा है, जहां अधिक शुल्क देना पड़ता है और रिपोर्ट की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठते हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक व पैथोलॉजी सेंटरों की ओर भेजा जा रहा है, जहां कमीशन के खेल की चर्चा भी जोरों पर है। इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी ने बताया कि दोनों प्रमुख जांच मशीनें वातानुकूलित कक्ष के अभाव में बंद हैं और इसकी सूचना मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को दे दी गई है। उन्होंने जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी और मशीनों के बंद रहने से मरीजों को मिल रही असुविधा ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक इस गंभीर समस्या का समाधान कर पाते हैं।