
ब्राह्मण एकता परिषद द्वारा धूमधाम धूमधाम से मनाया भगवान परशुराम जन्मोत्सव
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर जनपद के विकासखण्ड नरायनपुर के अंतर्गत ग्राम भभुआर में ब्राह्मण एकता परिषद के तत्वावधान में ब्राह्मण कुल शिरोमणि भगवान परशुराम का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भगवान परशुराम के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन के बहुआयामी पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मुख्य रूप से चर्चा की गई कि भगवान परशुराम केवल एक योद्धा ही नहीं, बल्कि मानव उत्थान के युग चेतना पुरुष थे।
सामाजिक समरसता: वक्ताओं ने बताया कि भगवान परशुराम का ‘परशु’ सत्ता के अहंकार और अन्याय के विरुद्ध एक वैचारिक क्रांति का प्रतीक था। उन्होंने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी जहाँ न्याय का शासन हो और शोषितों को सुरक्षा मिले।
राजनैतिक चेतना: उनके राजनैतिक दृष्टिकोण पर चर्चा करते हुए कहा गया कि उन्होंने सदैव निरंकुश सत्ता को चुनौती दी और शक्ति के विकेंद्रीकरण पर बल दिया। उन्होंने सिद्ध किया कि राजशक्ति हमेशा धर्म और नैतिकता के अधीन होनी चाहिए।
कार्यक्रम में भगवान परशुराम के आर्थिक चिंतन को भी रेखांकित किया गया। चर्चा के दौरान यह बात उभरकर आई कि उन्होंने कृषि योग्य भूमि का विस्तार किया और जल प्रबंधन के माध्यम से आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की नींव रखी। उनके द्वारा कोंकण और तटीय क्षेत्रों का पुनरुद्धार उनके उत्कृष्ट आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण का प्रमाण है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता
सुरेंद्र प्रसाद ओझा (भभुआर) ने किया।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक एके बिंदुसार, शकुन टाइम्स के सह संपादक मिथिलेश कुमार मौर्य,
अमरनाथ ओझा, तारकनाथ मिश्रा अरुण ओझा मदन मोहन पाठक,
विजय उपाध्याय
सत्यम ओझा, दिपेश ओझा, आशीष ओझा, रमेश शुक्ला, सरोज मिश्रा, अमित ओझा,
नीतेश पाठक (भभुआर) पत्रकार कमलेश पाठक, संतोष कुमार उपाध्याय सहित अन्य प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे ।
समारोह के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने भगवान परशुराम के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का सामूहिक संकल्प लिया।
यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि ब्राह्मण एकता और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में देखा जा रहा है। ब्राह्मण एकता परिषद मिर्ज़ापुर ने इस सफल आयोजन के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित किया है कि भगवान परशुराम के विचार आज के आधुनिक युग में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।