
अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी गिरोह का भंडाफोड़: पिता-पुत्र गिरफ्तार, प्रयागराज से जुड़ा बड़ा नेटवर्क
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो: कमलेश पाण्डेय | 8382048247
सोनभद्र/
सोनभद्र पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले कफ सिरप तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों का कनेक्शन प्रयागराज से जुड़ा है और ये लंबे समय से कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई में लिप्त थे।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 18 अक्तूबर 2025 को थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में दो कंटेनर ट्रकों से कुल 1,19,675 शीशियां कफ सिरप बरामद की गई थीं। इनमें से एक कंटेनर में लदी 59,675 शीशियां प्रयागराज निवासी विनोद कुमार वर्मा और उसके पुत्र संस्कार वर्मा के जरिए तस्करी के लिए भेजी जा रही थीं।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
सोनभद्र एसआईटी टीम ने रविवार तड़के प्रयागराज के अतरसुइया थाना क्षेत्र में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उन्हें सोनभद्र लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला कारागार गुरमा भेज दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा
एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार के मुताबिक, जांच में सामने आया कि आरोपी दिल्ली की कंपनी वान्या इंटरप्राइजेज से कोडीनयुक्त कफ सिरप की खेप हासिल करते थे। इसके बाद इसे नमकीन/चिप्स के फर्जी बिलों के जरिए कंटेनरों में छिपाकर बांग्लादेश सीमा (अगरतला, त्रिपुरा) तक भेजा जाता था।
आरोपी प्रयागराज में “ओम साईं फार्मास्यूटिकल” नाम से फर्म चलाकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। गाजियाबाद के मेरठ रोड स्थित डिपो के जरिए बड़े पैमाने पर सप्लाई की पुष्टि भी हुई है।
सरगना से करीबी संबंध
गिरफ्तार पिता-पुत्र का संबंध इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल से बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे के लिए कफ सिरप की सप्लाई करता था।
2000 करोड़ के नेटवर्क पर धीमी कार्रवाई
करीब 2000 करोड़ रुपये के इस तस्करी नेटवर्क में अब तक प्रदेश पुलिस द्वारा करीब 500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई अभी भी सुस्त बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार:
आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा जुटने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई
दवा कंपनियों से पूछताछ के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा
जांच कर रहे ईडी अधिकारी का तबादला हो जाने से प्रक्रिया और धीमी पड़ गई
जांच पर उठ रहे सवाल
ईडी द्वारा पूर्व में कुछ संपत्तियों को जब्त करने के दावे किए गए थे, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई अधूरी ही नजर आ रही है। नए अधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद ही जांच में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
निष्कर्ष:
सोनभद्र में पकड़ी गई कफ सिरप की खेप ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का खुलासा किया है। हालांकि पुलिस की कार्रवाई तेज है, लेकिन ईडी की सुस्ती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे कितनी सख्त कार्रवाई होती है।