
आयुष्मान योजना के नाम पर बड़ा खेल! बिना पैनल वाले अस्पतालों में इलाज का दावा, जांच की मांग
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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सोनभद्र। जिले में आयुष्मान भारत योजना के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप सामने आ रहा है। शिकायत है कि कई पंजीकृत और अपंजीकृत अस्पताल बिना अधिकृत पैनल में शामिल हुए ही आयुष्मान योजना के तहत इलाज का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई अस्पतालों पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
बताया जा रहा है कि रोबर्टसगंज, चोपन, दुद्धि, घोरावल, कोन, बीजपुर और शक्तिनगर सहित जिले के कई क्षेत्रों में कुछ निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज का दावा कर मरीजों को आकर्षित कर रहे हैं। ग्रामीण और गरीब मरीजों को पहले मुफ्त इलाज का भरोसा दिया जाता है, लेकिन बाद में अस्पतालों द्वारा यह कहकर पैसा मांगा जाता है कि “अंगूठा नहीं लग रहा है” या कार्ड से प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
आरोप है कि इस तरह की बात कहकर मरीजों से मोटी रकम वसूली जाती है। कई मामलों में मरीजों को इलाज के लिए जमीन, गहने तक बेचने पड़ जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आयुष्मान योजना के नाम पर गरीबों को गुमराह किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार आयुष्मान योजना के तहत किसी अस्पताल को पैनल में शामिल करने के लिए भवन, उपकरण, डॉक्टरों की डिग्री और अन्य कई मानकों की सख्त जांच की जाती है। इसके बावजूद जिले में ऐसे कई अस्पताल चल रहे हैं जहां न तो पर्याप्त सुविधाएं हैं और न ही योग्य डॉक्टर, फिर भी वहां आयुष्मान योजना से इलाज का दावा किया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम बनाकर अस्पतालों और लाभार्थियों की गहन जांच कराई जाए तो आयुष्मान योजना के नाम पर चल रहे कथित रैकेट का खुलासा हो सकता है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सोनभद्र को भी मामले से अवगत करा दिया गया है। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर मामले में कब तक कार्रवाई करता है।