• +91 8127948307
  • info@tejasvisangthan.in
  • uttar Pradesh sonebhadra
News
बभनी के कंपोजिट विद्यालय बरवाटोला में 11 छात्राओं को मिली साइकिल, शिक्षा और सशक्तिकरण को मिला नया संबल

बभनी के कंपोजिट विद्यालय बरवाटोला में 11 छात्राओं को मिली साइकिल, शिक्षा और सशक्तिकरण को मिला नया संबल


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

 

चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय

8382048247

सोनभद्र। बभनी विकासखंड के कंपोजिट विद्यालय बरवाटोला में सत्र 2025-26 के अंतर्गत यूनिफॉर्म एवं साइकिल योजना के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग की 11 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। इस अवसर पर छात्राओं के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। विद्यालय परिवार ने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ना, उन्हें विद्यालय तक सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है। विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों में, जहां विद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण छात्राओं को पढ़ाई छोड़ने की नौबत आ जाती है, वहां यह योजना अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है।

साइकिल मिलने से अब छात्राएं बिना किसी परेशानी के समय पर विद्यालय पहुंच सकेंगी। इससे न केवल उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि पढ़ाई के प्रति उनका उत्साह और आत्मविश्वास भी मजबूत होगा। यह योजना बालिकाओं में आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करती है।

इसके अलावा, गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी इस योजना से बड़ी राहत मिलती है। बच्चों के विद्यालय आने-जाने पर होने वाला परिवहन खर्च बचता है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है और वे अपनी बेटियों की शिक्षा को बिना किसी रुकावट के जारी रख पाते हैं।

विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि सरकार की ऐसी जनकल्याणकारी योजनाएं बालिका शिक्षा को नई दिशा देने का कार्य कर रही हैं। साइकिल वितरण जैसी पहल से छात्राओं का विद्यालय से जुड़ाव मजबूत होगा, ड्रॉप-आउट दर में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा। यह योजना न केवल छात्राओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, सशक्त और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का भी प्रभावी माध्यम बन रही है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK .