• +91 8127948307
  • info@tejasvisangthan.in
  • uttar Pradesh sonebhadra
News
सोनभद्र में NHM कर्मियों के धरना स्थगित होने के बाद भी बेपटरी स्वास्थ्य सेवाएं, सरंगा आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर लटका मिला ताला 8382048247

सोनभद्र में NHM कर्मियों के धरना स्थगित होने के बाद भी बेपटरी स्वास्थ्य सेवाएं, सरंगा आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर लटका मिला ताला 8382048247


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

8382048247

 

 

एक सप्ताह से केंद्र बंद होने का ग्रामीणों ने किया दावा, टीकाकरण और इलाज प्रभावित होने की शिकायते; वैकल्पिक व्यवस्था पर उठे ‍

सोनभद्र। जनपद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों का धरना स्थगित होने के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। संविदा एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के काम पर नहीं लौटने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण और प्राथमिक उपचार जैसी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी बीच शनिवार को नवहिंद समाचार की पड़ताल में सरंगा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने दावा किया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर सरंगा पिछले करीब एक सप्ताह से बंद पड़ा है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर उपचार और अन्य बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर छोटे बच्चों के टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल और सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

धरना स्थगित, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं अब भी प्रभावित होने की शिकायत

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के धरना स्थगित होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि स्वास्थ्य सेवाएं जल्द सामान्य हो जाएंगी। हालांकि, सरंगा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर ताला मिलने के बाद इन उम्मीदों पर सवाल उठने लगे हैं। यदि संबंधित कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं, तो विभाग की ओर से उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने और आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, यह स्पष्ट होना जरूरी है।

आखिर कहां है वैकल्पिक व्यवस्था?

ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे केंद्रों के बंद रहने से ग्रामीणों को समय पर उपचार, स्वास्थ्य परामर्श और नियमित सेवाएं मिलने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान और उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सेवाओं को चालू रखने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की? क्या संबंधित अधिकारियों ने केंद्र का निरीक्षण कर कर्मचारियों की उपस्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की?

सीएमओ से संपर्क का प्रयास, नहीं हो सका संवाद

मामले की जानकारी लेने और स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के संबंध में विभाग का पक्ष जानने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन नॉट रिचेबल होने के कारण बातचीत नहीं हो सकी। ऐसे में केंद्र बंद रहने के कारणों और स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करने के लिए विभाग की ओर से उठाए जा रहे कदमों की आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी।

अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग सरंगा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थिति का संज्ञान लेकर जांच कराता है या नहीं और ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कार्रवाई करता है। ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखना जरूरी है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK .