
सोनभद्र में नेटवर्क विहीन क्षेत्रों को मिलेगी मोबाइल कनेक्टिविटी, 28 नए टावरों को मंजूरी
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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22 टावरों की स्थापना का काम शुरू, छह अन्य के कार्य को भी जल्द मिलेगी गति; जुगैल क्षेत्र में लगाए जाएंगे तीन टावर
सोनभद्र जिले के नेटवर्क विहीन और दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। पिछले चार माह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 28 नए मोबाइल टावरों की स्थापना को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 22 टावरों की स्थापना का कार्य शुरू हो गया है, जबकि छह अन्य टावरों के निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू कराई जाएगी। स्वीकृत टावरों में तीन टावर जुगैल क्षेत्र में लगाए जाने हैं।
जिले के कई दुर्गम और दूरस्थ इलाकों में अभी भी मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने अथवा पूरी तरह उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मोबाइल नेटवर्क की समस्या का असर आमजन के साथ-साथ विद्यार्थियों, व्यापारियों, किसानों और आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ता है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि जिले में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति बेहतर करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के माध्यम से नेटवर्क विहीन और कमजोर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां प्राथमिकता के आधार पर मोबाइल टावर स्थापित कराने की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि मोबाइल नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों और दूरसंचार कंपनियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि जिले के ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों को भी बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाए, जहां वर्तमान में नेटवर्क की सुविधा बेहद कमजोर है।
नगवां विकासखंड की ग्राम पंचायत सरईगढ़ में भी नेटवर्क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कमजोर नेटवर्क के कारण मोबाइल पर बातचीत करने, इंटरनेट चलाने और ऑनलाइन आवश्यक कार्य करने में काफी परेशानी होती है। ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित कर नए टावर स्थापित होने से स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।