
सोनभद्र में कथित अवैध क्लिनिक एवं पैथोलॉजी सेंटरों की उच्चस्तरीय जांच की मांग
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
कमलेश पाण्डेय
गढ़वा, पिपरा, खैरपुर व खैरपुर रोड क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों की वैधता जांचने की मुख्यमंत्री से अपील
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के गढ़वा, पिपरा, खैरपुर, खैरपुर रोड सहित आसपास के क्षेत्रों में कथित रूप से अनियमित एवं नियमों के विपरीत संचालित क्लिनिक और पैथोलॉजी सेंटरों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग उठाई गई है। इस संबंध में सामाजिक आरटीआई कार्यकर्ता एवं जनहित से जुड़े नागरिक कमलेश पाण्डेय ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को मुख्यमंत्री जनसुनवाई/आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायत प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में विशेष रूप से “जीवन रक्षक क्लिनिक एवं पैथोलॉजी” सहित गढ़वा–पिपरा–खैरपुर क्षेत्र में संचालित अन्य क्लिनिक, पैथोलॉजी एवं स्वास्थ्य संस्थानों की वैधता की जांच कराने की मांग की गई है।
कमलेश पाण्डेय ने मांग की है कि संबंधित संस्थानों के पंजीकरण, लाइसेंस, चिकित्सकों एवं तकनीकी कर्मचारियों की योग्यता, पैथोलॉजी जांच की अनुमति तथा अन्य आवश्यक वैधानिक मानकों और दस्तावेजों का सक्षम अधिकारियों की टीम द्वारा सत्यापन कराया जाए।
शिकायत में कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर खैरपुर रोड सहित आसपास के क्षेत्रों में संचालित कुछ स्वास्थ्य संस्थानों की वैधता एवं विभागीय अनुमति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में जनहित और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित संस्थानों की संयुक्त एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि जनहित से संबंधित शिकायतों के बावजूद कई मामलों में अपेक्षित प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की शिकायतें सामने आती हैं, जिससे आमजन में असंतोष की स्थिति बनती है। हालांकि संबंधित संस्थानों एवं विभागीय अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर स्वतंत्र रूप से कोई पक्ष सामने नहीं आया है।
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की भी जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई/आईजीआरएस पोर्टल पर पूर्व में दर्ज जनहित संबंधी शिकायतों के निस्तारण की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह जांच कराई जानी चाहिए कि शिकायतों का निस्तारण वास्तविक स्थलीय जांच और तथ्यों के आधार पर किया गया था अथवा केवल औपचारिक रूप से उनका निस्तारण कर दिया गया।
उन्होंने मांग की है कि यदि किसी शिकायत का निस्तारण बिना पर्याप्त स्थलीय जांच अथवा तथ्यों के सत्यापन के किया गया हो तो संबंधित प्रकरण की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की मांग
प्रार्थना-पत्र में यह भी मांग की गई है कि इस प्रकरण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद सोनभद्र एवं संबंधित स्वास्थ्य विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई अथवा कार्रवाई न किए जाने के कारणों की समीक्षा कराई जाए।
कमलेश पाण्डेय ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जांच किसी स्वतंत्र एवं सक्षम अधिकारी अथवा टीम से कराई जाए, ताकि पूरे मामले में पारदर्शिता बनी रहे और जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा मामला सीधे आम नागरिकों के जीवन एवं सुरक्षा से संबंधित है। इसलिए कथित अनियमितताओं की समयबद्ध, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किया जाना जनहित में आवश्यक है।
अब इस मामले में संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन की कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।
— कमलेश पाण्डेय
सामाजिक आरटीआई कार्यकर्ता एवं जनहित से जुड़ा नागरिक
जनपद सोनभद्र, उत्तर प्रदेश