
सोनभद्र की 684 आदिवासी छात्राओं को मिलेगी यूनिफॉर्म और साइकिल की सौगात
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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शिक्षा की राह होगी आसान
1635 छात्राओं ने किया आवेदन, शासनादेश के तहत कक्षा छह, नौ और 11 की छात्राओं का होगा चयन; डीएम चर्चित गौड़ ने पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया पूरी करने के दिए निर्देश
सोनभद्र। जनपद की अनुसूचित जनजाति की छात्राओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने-जाने के लिए प्रोत्साहित करने तथा शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से शासन की यूनिफॉर्म एवं साइकिल वितरण योजना के तहत बड़ी पहल की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद की कुल 684 छात्राओं को इस योजना से लाभान्वित किया जाएगा। योजना के माध्यम से छात्राओं को न केवल विद्यालय आने-जाने के लिए साइकिल की सुविधा मिलेगी, बल्कि यूनिफॉर्म खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
योजना के तहत जनपद में कुल 1635 आवेदन प्राप्त हुए हैं। शासनादेश में निर्धारित पात्रता, शैक्षिक मानकों और चयन अनुपात के आधार पर लाभार्थियों का चयन प्रस्तावित किया गया है। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय चयन समिति एवं क्रय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के क्रियान्वयन, पात्र छात्राओं के चयन, बजट की उपलब्धता तथा साइकिल क्रय की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजना के सभी प्रावधानों और पात्रता मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक चयनित छात्रा को कुल 4000 रुपये की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें यूनिफॉर्म के लिए 700 रुपये प्रति छात्रा की धनराशि सीधे छात्रा अथवा उसके अभिभावक के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। वहीं, साइकिल उपलब्ध कराने के लिए प्रति छात्रा 3300 रुपये की दर से जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत निविदा आमंत्रित कर साइकिल की खरीद की जाएगी।
कक्षा छह की छात्राओं को मिलेगा सर्वाधिक लाभ
शासन की ओर से निर्धारित चयन अनुपात के अनुसार कक्षा छह की 60 प्रतिशत तथा कक्षा नौ और कक्षा 11 की 20-20 प्रतिशत छात्राओं को योजना में शामिल किए जाने का प्रावधान है। पात्रता के लिए छात्राओं का पिछली कक्षा में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाली छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि दूरस्थ गांवों से विद्यालय पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों को कम किया जा सके। योजना में अनावासीय छात्राओं को प्रत्येक पांच वर्ष के अंतराल पर एक लेडीज साइकिल उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
1635 आवेदनों में से 684 छात्राओं का चयन प्रस्तावित
अधिकारियों द्वारा प्राप्त आवेदनों में छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र, शैक्षिक अभिलेखों तथा बैंक खाते से संबंधित विवरणों का सत्यापन किया गया। सत्यापन के बाद जनपद में कुल 1635 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें कक्षा छह की 410, कक्षा नौ की 764 और कक्षा 11 की 461 छात्राएं शामिल हैं।
शासनादेश में निर्धारित चयन अनुपात के अनुसार कक्षा छह की 410 आवेदक छात्राओं के सापेक्ष कक्षा नौ से 137 तथा कक्षा 11 से 137 छात्राओं को शामिल करते हुए कुल 684 छात्राओं का चयन प्रस्तावित किया गया है। इस प्रकार चयनित छात्राओं को योजना के तहत यूनिफॉर्म की धनराशि और साइकिल की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनुमोदन के बाद निदेशालय को भेजा जाएगा मांग पत्र
बैठक में बताया गया कि जनपद स्तरीय चयन समिति से चयनित छात्राओं की सूची का अनुमोदन प्राप्त होने के बाद आवश्यक धनराशि के आवंटन के लिए संबंधित निदेशालय को मांग पत्र भेजा जाएगा। निदेशालय से धनराशि प्राप्त होने के उपरांत जेम पोर्टल के माध्यम से साइकिल खरीद की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इसके साथ ही यूनिफॉर्म की निर्धारित धनराशि पात्र छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों के बैंक खातों में भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शिता और निष्पक्षता से चयन करने पर डीएम का जोर
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्राओं के चयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता न होने पाए। सभी आवेदनों और पात्रता से संबंधित अभिलेखों का बारीकी से सत्यापन किया जाए तथा शासनादेश में निर्धारित मानकों के अनुसार ही लाभार्थियों का चयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र छात्राओं तक पहुंचना चाहिए और कोई भी पात्र छात्रा अनावश्यक प्रक्रिया या लापरवाही के कारण सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभागों को सभी औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूरी करने तथा चयन से लेकर धनराशि आवंटन और साइकिल खरीद तक की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
इस योजना को जनपद की आदिवासी छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर ग्रामीण अंचलों में विद्यालय की दूरी के कारण पढ़ाई में आने वाली परेशानियों को देखते हुए साइकिल की सुविधा छात्राओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। वहीं यूनिफॉर्म के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कुछ हद तक कम होगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) वागीश कुमार शुक्ला, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।