
लगातार बारिश ने छीना गरीब का आशियाना, कच्चा मकान ढहा
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
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जून में आग से जला था घास-फूस का घर, अब बारिश ने बचा हुआ मकान भी किया धराशायी; टिन शेड में गुजर-बसर को मजबूर परिवार
रॉबर्ट्सगंज। तहसील क्षेत्र के कसया खुर्द गांव में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने एक गरीब परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सोमवार की रात तेज बारिश के बीच बंधु के बेटे रामचंद्र का मिट्टी से बना कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे में घर में रखा गृहस्थी का अधिकांश सामान भी मलबे में दबकर खराब हो गया। गनीमत रही कि मकान गिरने के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए।
रामचंद्र ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले उनके पिता और दादी की मृत्यु हो गई थी। परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी वर्ष जून माह में उनके घास-फूस के मकान में आग लग गई थी, जिसमें घर पूरी तरह जलकर राख हो गया था। इसके बाद किसी तरह उन्होंने दो कच्चे कमरों वाले मकान में अपना जीवन गुजारना शुरू किया था। लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण यह आशियाना भी सोमवार की रात धराशायी हो गया।
मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने और गृहस्थी का सामान सुरक्षित रखने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। रामचंद्र का कहना है कि अब उनके पास सिर छिपाने के लिए पक्का घर नहीं बचा है। फिलहाल वे परिवार के साथ किसी तरह टिन शेड में गुजारा करने को मजबूर हैं।
रामचंद्र के मुताबिक, ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका नाम चयन के लिए भेजा गया है और जल्द ही उन्हें आवास का लाभ मिल सकता है। परिवार को उम्मीद है कि सरकारी योजना के तहत जल्द पक्का मकान मिलने से उनकी परेशानी दूर होगी।
ग्राम प्रधान नागेंद्र ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में रामचंद्र की पत्नी का नाम भेजा गया है। उन्होंने बताया कि पात्रता के अनुसार आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बारिश में कच्चा मकान गिरने से प्रभावित परिवार की तत्काल आर्थिक मदद और क्षतिग्रस्त गृहस्थी के सामान के नुकसान का आकलन कर राहत दिलाने की मांग की है। परिवार को भी उम्मीद है कि शासन-प्रशासन की ओर से जल्द मदद मिलेगी और उनके सिर पर पक्की छत का इंतजाम हो सकेगा।