
मूसलाधार बारिश से PHC केकराही जलमग्न, अस्पताल परिसर बना तालाब
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
दो फीट तक भरा पानी, कर्मचारियों के आवासों में घुसा पानी; मरीज-तीमारदार बेहाल, अस्पताल प्रभारी भी मौके से नदारद
राबर्ट्सगंज। तहसील क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) केकराही में सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद हालात बदतर हो गए। राबर्ट्सगंज-कर्मा सीमा पर स्थित स्वास्थ्य केंद्र का पूरा परिसर करीब दो फीट तक पानी में डूब गया। अस्पताल परिसर में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है, जिससे स्वास्थ्य केंद्र तालाब में तब्दील हो गया है।
मंगलवार सुबह जब चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, मरीज और तीमारदार अस्पताल पहुंचे तो उन्हें भारी जलभराव का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी बाहर नहीं निकल सका और कर्मचारियों के आवासीय भवनों तक में पानी घुस गया।
मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर कर्मचारियों के आवास तक पहुंचने के लिए लोगों को करीब दो फीट गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को अस्पताल तक पहुंचने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में उपचार कराने आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों में भी अव्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
प्रभारी के नदारद रहने पर उठे सवाल
जलभराव जैसी गंभीर स्थिति के बीच अस्पताल प्रभारी के मौके पर मौजूद नहीं रहने की बात सामने आने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जब स्वास्थ्य केंद्र का पूरा परिसर जलमग्न है और मरीजों व कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे समय में जिम्मेदार अधिकारी की मौजूदगी और तत्काल राहत व्यवस्था जरूरी है।
वहीं, लगातार जलभराव के कारण अस्पताल परिसर में गंदगी, संक्रमण एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। यदि बारिश दोबारा तेज होती है तो स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
अस्पताल कर्मचारियों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने, परिसर से पानी हटवाने, कर्मचारियों के आवासों को जलभराव से बचाने तथा स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में बारिश के दौरान बार-बार जलभराव होना गंभीर लापरवाही का संकेत है। प्रशासन को केवल अस्थायी रूप से पानी निकलवाने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान कराना चाहिए, ताकि भविष्य में मरीजों, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।