
मिर्जापुर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का निर्माण तेज, अहरौरा से मड़िहान तक मूर्तिकार तैयारियों में जुटे
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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अहरौरा, अदलहाट, नारायणपुर, राजगढ़ और मड़िहान समेत विभिन्न क्षेत्रों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे मूर्तिकार
मिर्जापुर। जनपद में शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर मां दुर्गा की प्रतिमाओं के निर्माण का कार्य विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से किया जा रहा है। अहरौरा, अदलहाट, नारायणपुर, राजगढ़, मड़िहान सहित मिर्जापुर के अलग-अलग इलाकों में मूर्तिकार मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमाएं बनाने में जुटे हुए हैं। मूर्तिकार दिन-रात मेहनत कर प्रतिमाओं को सुंदर और भव्य रूप देने में लगे हैं, ताकि पूजा समितियों और श्रद्धालुओं की मांग के अनुसार समय पर प्रतिमाएं तैयार की जा सकें।
मां दुर्गा की प्रतिमाओं के निर्माण में मूर्तिकार अपनी कला और हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं। मिट्टी, बांस, पुआल और अन्य आवश्यक सामग्रियों की मदद से प्रतिमाओं का ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद प्रतिमाओं को आकार देकर रंग-रोगन, साज-सज्जा और अन्य कलात्मक कार्य किए जाते हैं। प्रतिमाओं को आकर्षक बनाने के लिए मुकुट, आभूषण और विभिन्न प्रकार की सजावटी सामग्रियों का भी इस्तेमाल किया जाता है।
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिमा निर्माण का कार्य स्थानीय कारीगरों और उनके सहयोगियों के लिए रोजगार का अवसर भी प्रदान करता है। दुर्गा पूजा के दौरान पूजा समितियों और श्रद्धालुओं की ओर से प्रतिमाओं की मांग बढ़ने के कारण मूर्तिकारों की व्यस्तता भी बढ़ जाती है। कई कारीगर पहले से मिले ऑर्डर के अनुसार प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं, जबकि कुछ मूर्तिकार अपनी कार्यशालाओं में अलग-अलग आकार की प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं।
मां दुर्गा की प्रतिमाओं के निर्माण से जुड़े इस कार्य में मूर्तिकारों की मेहनत, पारंपरिक कला और धार्मिक आस्था का सुंदर संगम देखने को मिलता है। प्रतिमाओं के तैयार होने के बाद उन्हें विभिन्न पूजा पंडालों में स्थापित किया जाएगा, जहां श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
हालांकि, आपने जो जीएसटी से संबंधित बात लिखी है, वह स्पष्ट नहीं हो पाई है। यदि आपका आशय मूर्ति निर्माण के कारोबार में जीएसटी पंजीकरण या बिना जीएसटी बिल के लेन-देन से है, तो इसकी पुष्टि आवश्यक होगी। बिना प्रमाण के किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान पर कर चोरी का आरोप लगाना उचित नहीं होगा।