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मिर्ज़ापुर: लगातार खबरें चलने के बाद भी कुंभकर्णी नींद में स्वास्थ्य विभाग; ‘राधे कृष्णा हॉस्पिटल’ में जच्चा-बच्चा की मौत, डॉक्टर फरार

मिर्ज़ापुर: लगातार खबरें चलने के बाद भी कुंभकर्णी नींद में स्वास्थ्य विभाग; ‘राधे कृष्णा हॉस्पिटल’ में जच्चा-बच्चा की मौत, डॉक्टर फरार


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
*अहरौरा-अदलहाट के बाद अब वासलीगंज में जिंदगी का सौदा; ₹26 हजार ऐंठकर महिला को उतारा मौत के घाट, बेखौफ सिंडिकेट पर मेहरबान जिम्मेदार अफसर आखिर कब जागेंगे?*

मिर्ज़ापुर: जनपद में निजी अस्पतालों की मनमानी और अवैध सिंडिकेट को लेकर तेजस्वी न्यू  बार-बार चेताने और लगातार खबरें प्रसारित किए जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह और संवेदनहीन बना हुआ है। विभागीय अफसरों की इस आपराधिक खामोशी का नतीजा एक बार फिर निर्दोषों की मौत के रूप में सामने आया है। अहरौरा और अदलहाट की खौफनाक घटनाओं के बाद अब शहर कोतवाली क्षेत्र की वासलीगंज चौकी स्थित राधे कृष्णा हॉस्पिटल में कथित घोर चिकित्सकीय लापरवाही के चलते प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। वारदात के बाद जिम्मेदार डॉक्टर और पूरा स्टाफ मौके से ताला जड़कर फरार हो गया।

*खाली पर्चा, ₹26 हजार की वसूली और मिनटों में मौत का खेल*

*पीड़ित पति ज़ुल्फ़िक़ार अली ने रोते-बिलखते हुए अस्पताल की काली करतूत उजागर की:*

* भोर में करीब सवा चार (4:15) बजे महिला को सामान्य स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

* अस्पताल कर्मियों ने सुई और दवाएं तो दीं, लेकिन पर्चे पर किस डॉक्टर ने कौन सी दवा लिखी, इसका कोई विवरण दर्ज नहीं किया गया—पर्चा लगभग खाली रखा गया।

* सुबह 7:00 बजे सामान्य प्रसव न होने का डर दिखाकर ऑपरेशन के नाम पर परिजनों से ₹25 से ₹26 हजार की मांग की गई।

* सुबह 8:00 बजे महिला को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया और उसी वक्त परिजनों को मौत की सूचना थमा दी गई।

*बार-बार खबरें चलने के बाद भी क्यों मौन है स्वास्थ्य महकमा?*
पूरे जिले में निजी अस्पतालों, झोलाछाप सेंटरों और दलालों का संगठित सिंडिकेट मरीजों की जान से खेल रहा है। मीडिया द्वारा लगातार खबरें चलाए जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूट रही:

* क्या स्वास्थ्य विभाग सिर्फ मौतों के आंकड़ों पर फाइलों में जांच का ढोंग रचने तक सीमित रह गया है?

* क्या इन अवैध अस्पतालों को विभाग के किसी बड़े सिंडिकेट का संरक्षण प्राप्त है, जो बिना मानक, बिना सर्जन और बिना जीवन रक्षक उपकरणों के धड़ल्ले से ऑपरेशन किए जा रहे हैं?

* फरार डॉक्टर और अस्पताल संचालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कब किया जाएगा?

जांच और नोटिस के नाम पर लीपापोती करने वाले स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही से अब जनता का भरोसा उठ चुका है, वहीं रोता-बिलखता पीड़ित परिवार आज सिर्फ और सिर्फ कठोर कानूनी कार्रवाई व न्याय की मांग कर रहा है।


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