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निवेश के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपी की 28 लाख की संपत्ति कुर्क

निवेश के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपी की 28 लाख की संपत्ति कुर्क


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

‘सिटी म्युचुअल बैंक’ के नाम पर निवेश कराने का आरोप, अब तक करीब 1.59 करोड़ की संपत्तियों पर कार्रवाई

सोनभद्र। अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी करने के मामले में सोनभद्र पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। ‘सिटी म्युचुअल बैंक’ के नाम पर निवेश कराने के आरोपी भागीरथी मौर्य की लोढ़ी स्थित करीब 28.10 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्ति शुक्रवार, 9 अक्टूबर को कुर्क कर ली गई। न्यायालय के आदेश पर की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी की अब तक कुर्क की गई संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य बढ़कर करीब 1.59 करोड़ रुपये हो गया है।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मेविस टॉक तथा क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में थाना पिपरी पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 21 सितंबर 2026 के आदेश का अनुपालन करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत संपत्ति कुर्क की।

लोढ़ी में आरसीसी भवन और बोरवेल पर कार्रवाई

सीओ दुद्धी हर्ष पाण्डेय के अनुसार, आरोपी भागीरथी मौर्य पुत्र रमापति मौर्य मूल रूप से मुहकोचवा राजपुर, थाना कोतवाली देहात, जनपद मीरजापुर का निवासी है। उसका वर्तमान पता रेनुकूट में पद्मिनी होटल के पास बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, थाना पिपरी में दर्ज मुकदमा संख्या 54/2025 से संबंधित मामले में मौजा लोढ़ी, परगना बड़हर, तहसील रॉबर्ट्सगंज स्थित आराजी संख्या 39 में 190 वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर बने आरसीसी भवन और बोरवेल को कुर्क किया गया है। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत 28 लाख 9 हजार 650 रुपये आंकी गई है।

न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई इस कार्रवाई को कथित आर्थिक अपराध से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

पहले भी कुर्क की जा चुकी है 1.31 करोड़ की संपत्ति

पुलिस इससे पहले भी आरोपी की संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। 21 जुलाई 2026 को न्यायालय के आदेश पर करीब 1 करोड़ 31 लाख 25 हजार 276 रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां कुर्क की गई थीं। इनमें मुर्धवा स्थित आराजी संख्या 557ग की भूमि एवं मकान और मौजा कटौधी स्थित आराजी संख्या 97क की संपत्ति शामिल थी।

पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पूर्व में कुर्क की गई संपत्तियों और 9 अक्टूबर को की गई ताजा कार्रवाई को मिलाकर कुल अनुमानित मूल्य 1 करोड़ 59 लाख 34 हजार 926 रुपये हो गया है। इस तरह आरोपी से संबंधित संपत्तियों पर अब तक करीब 1.59 करोड़ रुपये की कार्रवाई की जा चुकी है।

अधिक मुनाफे का झांसा देकर निवेश कराने का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर ‘सिटी म्युचुअल बैंक’ के नाम से कंपनी संचालित कर निवेशकों को अधिक लाभ और भारी मुनाफे का प्रलोभन दिया था। आरोप है कि निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाकर उनसे करोड़ों रुपये जमा कराए गए। हालांकि, निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद निवेशकों को उनकी रकम वापस नहीं मिली।

मामले की विवेचना के दौरान कथित धोखाधड़ी से अर्जित धनराशि से विभिन्न अचल संपत्तियां खरीदे जाने की जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। इसके बाद संबंधित संपत्तियों को चिह्नित कर न्यायालय से कुर्की के आदेश प्राप्त किए गए। आदेश के अनुपालन में पुलिस ने संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की।

इस मामले में निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी के आरोपों की जांच की जा रही है। संपत्तियों की कुर्की को मामले में पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

सोनभद्र से मीरजापुर तक कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, आरोपी भागीरथी मौर्य के विरुद्ध सोनभद्र जिले के अनपरा, पिपरी, दुद्धी और रॉबर्ट्सगंज थानों के अलावा मीरजापुर जिले के कोतवाली देहात थाने में भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अन्य आरोपों से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आरोपी से संबंधित संपत्तियों और दर्ज मुकदमों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

राजस्व और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कुर्की

संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई के दौरान उपजिलाधिकारी न्यायिक दुद्धी मोहम्मद जफर, क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय, थानाध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव और रेनुकूट चौकी प्रभारी नवनीत चौरसिया सहित पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

सोनभद्र पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की इस कार्रवाई से निवेश के नाम पर कथित धोखाधड़ी के मामलों में आरोपी की संपत्तियों पर शिकंजा कसने की दिशा में आगे कदम बढ़ाया गया है।


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