
घोरावल बाइपास मार्ग गड्ढों में तब्दील, रोजाना हादसों का खतरा; राहगीर परेशान
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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जिला मुख्यालय सोनभद्र और मंडल मुख्यालय विंध्याचल को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाल स्थिति पर जिम्मेदार मौन
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के घोरावल तहसील मुख्यालय को जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र) तथा मंडल मुख्यालय विंध्याचल (मिर्जापुर) से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण घोरावल बाइपास मार्ग इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति के कारण राहगीरों के लिए परेशानी और दुर्घटनाओं का कारण बना हुआ है। मार्ग जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है। बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा तक नहीं लग पाता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। विशेष रूप से बाइक और साइकिल सवार लोगों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। पानी से भरे गड्ढों में वाहन अनियंत्रित होने से लोग चोटिल हो रहे हैं। हल्की बारिश के बाद स्थिति और भी गंभीर हो जाती है तथा पैदल चलने वालों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इस महत्वपूर्ण मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक, स्कूली बच्चे, कर्मचारी, व्यापारी, तहसील कार्यालय आने वाले फरियादी और बैंक सहित अन्य सरकारी एवं निजी संस्थानों में जाने वाले लोग गुजरते हैं। वहीं जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन भी इसी मार्ग से नियमित रूप से आवागमन करते हैं। इसके बावजूद सड़क की बदहाल स्थिति पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं किए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
खुटहा ग्राम पंचायत क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत लंबे समय से आवश्यक है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रवि ने भी मार्ग की खराब स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि सड़क पर बने गड्ढे कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन गंभीर दुर्घटना होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से मांग की है कि घोरावल बाइपास मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराकर गड्ढों को भरवाया जाए और सड़क की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए, ताकि आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाल स्थिति सुधर सके और लोगों को दुर्घटनाओं के खतरे से राहत मिल सके।