
ककराही में श्री हनुमान जी के समक्ष भव्य रामायण हरिकीर्तन एवं गणेश चौथ पर्व का हुआ आयोजन
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से लिया भगवान गणेश एवं संकटमोचन हनुमान जी का आशीर्वाद, देर तक गूंजते रहे भजन-कीर्तन
सोनभद्र। आज दिनांक 14 सितंबर 2026 को ककराही क्षेत्र में विराजमान संकटमोचन श्री हनुमान जी महाराज एवं बजरंगबली के पावन दरबार में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ भव्य रामायण हरिकीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी, पवनपुत्र हनुमान जी एवं भगवान श्री गणेश की भक्ति में वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। रामायण पाठ और हरिकीर्तन के दौरान भजन-कीर्तन की मधुर धुनों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पूजा-अर्चना कर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
इस पावन धार्मिक आयोजन का विशेष सौजन्य एवं आशीर्वाद श्री पंडित गणेश मिश्रा जी का प्राप्त हुआ। उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से धार्मिक कार्यक्रम को श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान भगवान श्री गणेश चौथ, व्रत एवं तीज पर्व के अवसर पर भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश से विघ्नों को दूर करने तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की।
धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों एवं श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से दीपक यादव, मोहन तिवारी, मंगला पाठक, पुजारी विवेक मिश्रा, ओम प्रकाश पांडेय, विजय नारायण मिश्रा, अवधेश दत्त मिश्रा, इंस्पेक्टर राजू, प्रधान श्याम नारायण, गोपी केशरी एवं कमलेश पांडेय सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
श्रद्धालुओं का कहना था कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। रामायण एवं हरिकीर्तन के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कार और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह धार्मिक आयोजन क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। देर तक चले भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति में सराबोर दिखाई दिए।
जय श्री राम। जय बजरंगबली। गणपति बप्पा मोरया।