
कोटकादर में दो रोज़ा दस्तार बंदी व जलसा संपन्न
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
इख्लास के साथ किया गया थोड़ा सा अमल भी अल्लाह की निगाह में बड़ी अहमियत ः मुफ्ती साजिद
कुरान और हदीस पर अमल करने का आव्हान
रिज़वान सिद्दीकी
बिजनौर । मदरसा इस्लामिया अरबिया मदीनतुल उलूम जामा मस्जिद कोटकादर में दो रोजा जलसा व तकरीब बुखारी शरीफ और दस्तार बंदी हुआ।
जिसमे जलसे की पहली नशिस्त इशा की नमाज़ के बाद निज़ामत मौलाना सलीम साहनपुरी,सदारत मुफ्ती उवैस अकरम,ने अंजाम दिए,और पहली नशिस्त में मौलाना साजिद साहब रामपुरी ने खिताब किया व कारी सादिक गंगोही ने तिलावत ए कलाम ए पाक से आगाज़ किया,और नात ए पाक क़ारी जुल्फुकार टांडा बादली ने गुन गुनाई।और देवबंद से मौलाना मोहम्मद इरफानुल्लाह साहब ने पहली नशिस्त में खिताब किया। मुफ्ती साजिद ने अपने बयान में बताया आमाल में वज़न पैदा करने के लिए दो चीजों का होना जरूरी है।,1 इखलास,2 शरीअत व सुन्नत के मुताबिक इख्लास के साथ किया गया थोड़ा सा अमल भी अल्लाह की निगाह में बड़ी अहमियत का हामिल होता है। और आगे कहा कि अपनी नौजवान बेटियों को बिना बुर्के के घर से बाहर न निकाले।और मुफ्ती इफ़्तिख़ार किरतपुरी व मौलाना नसीम साहब इस्लामगड़ ने भी खिताब किया। ,दूसरे दिन तिलावत कलाम ए पाक का आगाज़ दारुल उलूम देवबंद से आए मौलाना कारी आफ़ताब आलम साहब ने किया।और कन्नौज से आए शायर मुफ्ती तारिक जमील ने नात ए पाक का हदया पेश किया।उसके बाद मेरठ से आए मौलाना मुफ्ती मोहम्मद खालिद साहब ने बयान किया मुफ्ती खालिद साहब मेरठी ने शबे बारात व शाबानुल मुअज़्ज़म,के महीने पर रोशनी डाली, संभल से आए मौलाना मुफ्ती अब्दुल गफूर साहब ने भी इस्लाही मुआशरे पर खिताब करते हुए कहा कुरान और हदीस पर अमल करते रहो और अपने बच्चों को मदरसे में तालीम हासिल के लिए भेजा करें। उसके बाद मुफ्ती अब्दुल गफूर साहब ने मुल्क में अम्नों अमान के लिए दुआ कराई। दस्तार बंदी वाले छात्र,1, मोहम्मद अयान पुत्र मोहम्मद आज़म कोटकदार,2, मोहम्मद शायान पुत्र मोहम्मद आदिल मरहूम अजीपुरा रानी,3, मोहम्मद साकिब पुत्र गुल शेर लुकादड़ी,4,मोहम्मद अरमान पुत्र महताब आलम सैदपुरा, आखिर में मौलाना मुनाजिर हसन साहब नाजिम मदरसा हाज़ा ने आने वाले सभी महमानों का शुक्रिया अदा किया। इस अवसर मुफ्ती ताइब, मुफ्ती इकराम, मौलाना शमीम,मौलाना शाकिर,मौलाना अफज़ल, मौलाना अब्दुल बासित, मौलाना याक़ूब,क़ारी शमीम,कारी फुरकान, कारी महबूब,कारी तय्यब, क़ारी माहिर,पत्रकार कारी याहया अंसारी,कारी अब्दुल कदीम, क़ारी अरसलान,कारी हसन, क़ारी सद्दाम, क़ारी राशिद,क़ारी सुहैल, क़ारी ज़ुबैर आलम, हाफ़िज़ खलील, मास्टर जावेद आदि उलामा ने शिरकत की।