
सीसीयू का नाम बदलकर बना दिया आईसीयू पर व्यवस्थाएं वहीं, एचडीयू का अभी पता नहीं
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मंडलीय अस्पताल में सीसीयू का नाम बदल कर बना आईसीयू,
मंडलीय अस्पताल में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध आईसीयू की स्टेप डाउन यूनिट (एचडीयू) बनाने के लिए जुलाई 2024 में 2 करोड़ 62 लाख रुपये का बजट अनुमोदित हुआ था। अब तक इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
वहीं, छह वर्ष पहले बने कार्डियक केयर यूनिट (सीसीयू) का नाम बदलकर आईसीयू तो कर दिया गया है, परंतु सुविधाएं और व्यवस्थाएं अब भी पुरानी ही हैं।
10 माह पहले केंद्र सरकार से स्वास्थ्य विभाग की टीम मंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था का निरीक्षण करने आई थी। इसमें सीसीयू का निरीक्षण करते समय एचडीयू स्थापना की बात कही गई थीजिसके बाद केंद्र सरकार की ओर से अप्रैल माह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक पिंकी जोवेल को पत्र लिखकर आईसीयू का स्टेप डाउन यूनिट एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) बनाने के लिए पत्र लिखा।
एनएचएम की मिशन निदेशक पिंकी जोवेल ने जुलाई 2025 को महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मेडिकल कालेज के प्राचार्य, सीएमओ और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर एचडीयू की स्थापना के लिए पत्र लिखा।
बताया कि उपकरण खरीदने और भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख 83 हजार रुपये का अनुमोदन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भवन बनाने के लिए 74 लाख रुपये का अनुमोदन किया गया है। उपकरण के मद में एक करोड़ 88 लाख 83 हजार रुपये का अनुमोदन किया गया है।
इसमें 14 स्टाफ नर्स, दो ईएमओ व एक नर्स प्रभारी पद का अनुमोदन किया गया है। एचडीयू स्थापना के लिए शुरुआत में मंडलीय अस्पताल में जगह की तलाश की गई पर उसके बाद एचडीयू की स्थापना का कार्य शुरु नहीं हुआ।
जो सीसीयू बना था उसका नाम बदलकर आईसीयू कर दिया गया। ऐसा भी नहीं की आईसीयू में सुविधा व व्यवस्था बढ़ाई गई है। जो सुविधा सीसीयू में भी आईसीयू में भी वहीं सुविधा है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कार्डियक केयर यूनिट का किया था उद्धाटन
मेडिकल कालेज बनने के बाद व्यवस्थाएं सुधारने की बजाए पुरानी का नाम बदल दिया जा रहा है। 2019 में केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने पौने दो करोड़ रुपये से बने कार्डियक केयर यूनिट का उद्धाटन किया था। इसके लिए आठ बेड के सीसीयू में ईको, टीएमटी, मानिटर आदि उपकरण लगाए गए पर छह वर्ष में न तो विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती हो सकी न ही ईको और टीएमटी मशीन चल सकीं। अब कार्डियक केयर यूनिट का नाम ही बदल दिया गया है।
मंडलीय अस्पताल में एचडीयू का निर्माण होना है। इसके लिए शासन से पत्र आया है। निर्माण मंडलीय अस्पताल में होना है। मंडलीय अस्पताल प्रशासन को जमीन तलाश कर निर्माण कराना है। -डॉ. सीएम वर्मा, सीएमओ
एचडीयू बनाने के लिए इंजीनियर को लगाया गया है। मेल मेडिकल वार्ड में एचडीयू बनाया जाएगा। सीसीयू में कार्डियोलाजी के डॉक्टर नहीं थे। जो सुुविधा है। उसे देखते हुए आईसीयू बनाया गया है। सीसीयू को अलग से बनाने के लिए प्रपोजल भेजा जाएगा।