
इन्सपायर मानक योजना में सोनभद्र का सराहनीय प्रदर्शन, 76 विद्यार्थियों का चयन
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र ने इस वर्ष इन्सपायर मानक योजना में सराहनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए कुल 76 विद्यार्थियों का चयन सुनिश्चित किया है। पिछले 9 वर्षों की सर्वाधिक संख्या है और जनपद के लिए गौरव का विषय बन गई है। यह योजना भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित की जाती है तथा इसका क्रियान्वयन नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन – भारत के माध्यम से किया जाता है। इसका उद्देश्य विद्यालयी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पांडेय ने बताया कि सत्र 2018–19 और 2020–21 में जहाँ केवल 4-4 विद्यार्थियों का चयन हुआ था, वहीं 2021–22 और 2023–24 में यह संख्या 8-8 तक पहुँची। सत्र 2024–25 में 31 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। इन उपलब्धियों को पीछे छोड़ते हुए वर्तमान सत्र 2025-26 में 76 विद्यार्थियों का चयन जनपद की अब तक की सबसे बड़ी सफलता है। जनपद के कुल 63 विद्यालयों से 76 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग के 41परिषदीय विद्यालयों से 49 विद्यार्थी तथा माध्यमिक शिक्षा के 22 विद्यालयों से 27 विद्यार्थी चयनित हुए हैं। बेसिक श्रेणी में पी.एम.एस. दुरावलकला और पी.एम.एस. सोमा से सर्वाधिक 3-3 विद्यार्थियों का चयन हुआ, जबकि पीएमएस कटौधी, पीएमएस डोरिहार (मदका), पीएमएस नागराज एवं यू.पी.एस. खाड़पाथर से 2-2 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। माध्यमिक श्रेणी में सनबीम विद्यालय राबर्ट्सगंज से 3 विद्यार्थी चयनित हुए, जबकि डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल खडिया, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट हाई स्कूल और सेंट जोसेफ एस.एस शक्तिनगर से 2-2 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया। यह वृद्धि दर्शाती है कि जिले में विज्ञान आधारित शिक्षा और नवाचार के प्रति विद्यार्थियों की रुचि तेजी से बढ़ी है।
योजना के अंतर्गत 612 परिषदीय विद्यालयों से 2084 विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट प्रेषित किए थे, माध्यमिक के 127 विद्यालयों से 620 विद्यार्थियों द्वारा प्रोजेक्ट प्रेषित किया गया था। कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी अपने मौलिक विचार प्रस्तुत करते हैं। प्रत्येक विद्यालय से अधिकतम पाँच श्रेष्ठ विचार भेजे जा सकते हैं। *चयनित 76 विद्यार्थियों को अपने नवाचार का प्रोटोटाइप मॉडल विकसित करने के लिए ₹10,000 की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान किया जा रहा है।* आगे चलकर शिक्षकों के मार्गदर्शन, विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों से 76 विद्यार्थियों का यह चयन संभव हो सका है। शिक्षा विभाग ने भविष्य में और अधिक विद्यालयों को योजना से जोड़ने तथा विद्यार्थियों को तकनीकी सहयोग प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए अटल टिंकरिंग लैब, साइंस और मैथ किट विद्यालयों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं । *राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सभी विद्यालयों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित(स्टेम) पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि छात्र वैज्ञानिक सोच और तकनीकी कौशल विकसित कर सकें।*