
अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर किया विरोध प्रदर्शन
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
O मुख्यमंत्री नामित ज्ञापन डिएम प्रतिनिधि को देखकर बुलंद की आवाज
सोनभद्र। आशा वर्कर यूनियन बैनर तले गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी 14 सूत्री मांग पत्र मुख्यमंत्री नामित जिलाधिकारी प्रतिनिधि व सदर विधायक भूपेश चौबे को देखकर बुलंद की आवाज।
संगठन जिला अध्यक्ष ने बताया कि
प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रही आशा और आशा संगिनी बहुत कठिनाइयों का सामना कर रही हैं।
कई स्तरों पर आवाज उठाने के बावजूद उनके ही पारिश्रमिक की अदायगी करने के बजाय निरंतर अनसुना किया गया।
गौर तलब है कि प्रदेश में आशा और संगिनी वर्षों से राज्य और केंद्र के अनेक कार्यों की घोषित प्रोत्साहन राशियों से वंचित हैं और सरकारों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वादाखिलाफी की शिकार हैं।
2019 से लम्बित भुगतानो की अदायगी के सम्बन्ध में पिछले तीन वर्ष से अधिक समय से प्रदेश की आशा और संगिनी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रही हैं। किंतु उनकी आवाज को सुनना भी उचित नहीं समझा गया।
प्रधान मंत्री की सबसे बड़ी लोकहिताय योजना आरोग्य भारत के सपने को साकार करने में गोल्डन आयुष्मान कार्ड आभा आई डी बनाने में किए गए वर्षों से अब तक किए गए योगदान के रु 225 करोड़ में एक रुपए भी नहीं दिया गया । शायद आशा और संगिनी के साथ इन दोनों कार्यों के लिए आपके मातहतों द्वारा की गई क्रूरता और उत्पीड़न याद नहीं होगा। विगत 6 अक्टूबर 2025 को दिए गए ज्ञापन में और उसके बाद माननीय स्वास्थ्य मंत्री महोदय को दिए गए मांग पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि संपूर्णता में मांगों के समाधान की याचना की गई थी किंतु सरकार द्वारा त्रिपक्षीय वार्ता बुलाने में कोई रुचि दिखाई गई।
मिशन निदेशालय की मनमानी और सरकार की अनदेखी के कारण आशा कर्मियों को हड़ताल के लिए विवश होना पड़ा। इस मौके पऱ तारा देवी जानकी देवी रिजवाना बेगम सुमित्रा गीता सविता कुसुम चंचल शांति राधिका मीणा सहित आदि लोग मौजूद रहे।