
प्रशासन और किसानों के बीच पांच घंटे तक हुई पंचायत, तीन दिन के लिए टला चक्काजाम
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
अहरौरा। मेन कैनाल गेट से पानी का रिसाव बंद नहीं होने से नाराज किसानों का धरना तीसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। एसडीएम चुनार राजेश वर्मा, सीओ ऑपरेशन मंजरी राव, अधीक्षण अभियंता विजय कुमार, सिंचाई खंड चुनार के अधिशासी अभियंता हरिशंकर प्रसाद सहित अन्य स्थानीय जलाशय पर पहुंच गए।
अहरौरा। मेन कैनाल गेट से पानी का रिसाव बंद नहीं होने से नाराज किसानों का धरना तीसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। एसडीएम चुनार राजेश वर्मा, सीओ ऑपरेशन मंजरी राव, अधीक्षण अभियंता विजय कुमार, सिंचाई खंड चुनार के अधिशासी अभियंता हरिशंकर प्रसाद सहित अन्य स्थानीय जलाशय पर पहुंच गए।
तीन घंटे मशक्कत के बाद भी सीपेज बंद कराने में सफलता नहीं मिली। किसानों के चक्का जाम के अल्टीमेट का समय पूरा होता देख पांच घंटे तक प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि अगले तीन दिनों के भीतर सीपेज की समस्या दूर नहीं हुई तो किसान हाइवे जाम करेंगे। इसके लिए जिम्मेदार सिंचाई विभाग के अधिकारी होंगे। किसानों के लगातार चल रहे धरना प्रदर्शन को देखते हुए रविवार को भारी संख्या में जलाशय पर फोर्स बुला ली गई। एसडीएम चुनार राजेश कुमार वर्मा मेन कैनाल गेट पर दो घंटे तक सीपेज को बंद करने का प्रयास किया। जलाशय में पानी की मात्रा अधिक होने की वजह से समस्या का समाधान नहीं हो पाया। एसडीएम ने सिंचाई विभाग अधिकारियों से टेक्निकल टीम को बुलाने के लिए निर्देश दिए। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से मेन कैनाल गेट में खराबी आई है। इससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। उच्चाधिकारियों से मांग किया कि दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। भाकियू के प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह ने कहा कि किसानों का धरना तभी बंद होगा जब सीपेज बंद होगा। सिंचाई विभाग के अधिकारी समय रहते सीपेज को बंद कर दिए होते तो किसानों का फसल व पानी बर्बाद होने से बच जाता। उन्होंने कहा कि बारिश से पूर्व मेन कैनाल गेट के मरम्मत के नाम धन खर्च किया गया है जो जांच का विषय है। मरम्मत होने के बाद भी कैसे गेट में खराबी आ गई और किसानों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी किया। इस दौरान कंचन सिंह फौजी, गोपाल दास गुप्ता, रामशृंगार, अनिल सिंह जितेंद्र, सुरेश सिंह, राम नरेश सिंह आदि रहे।