
मिर्जापुर में शीतलहर का असर, 7 डिग्री पर पहुंचा न्यूनतम तापमान
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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इस शीतकाल का अब तक का सबसे ठंडा दिन, ठिठुरन बढ़ी
मिर्जापुर। जनपद में ठंड ने अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को मिर्जापुर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसे इस शीत ऋतु का अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान बताया जा रहा है। अचानक गिरी ठंड के चलते सुबह और देर रात लोगों को कड़ाके की ठिठुरन का सामना करना पड़ा।
ठंड बढ़ने से जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित नजर आया। सुबह के समय सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही कम रही, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव का सहारा लेते लोग दिखाई दिए।किनके लिए फायदेमंद है यह ठंड
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह ठंड गेहूं, सरसों और चना जैसी रबी फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। ठंड बढ़ने से फसलों में नमी बनी रहती है, जिससे उत्पादन बेहतर होने की संभावना रहती है।इसके अलावा युवाओं और स्वास्थ्य के प्रति सजग लोगों को यह मौसम सुहाना और ऊर्जावान लग रहा है। कई युवाओं ने बताया कि ठंड के कारण सुबह की सैर और व्यायाम करने में आनंद आ रहा है।किनके लिए नुकसानदायक
विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठंड बुजुर्गों, छोटे बच्चों, अस्थमा और हृदय रोगियों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अचानक तापमान गिरने से सर्दी-जुकाम, खांसी और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है।दिहाड़ी मजदूरों और खुले में काम करने वालों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
🩺 विशेषज्ञों की राय
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में लोगों को गरम कपड़े पहनने, सुबह-शाम ठंडी हवा से बचने और गर्म तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। खासकर बुजुर्गों को सुबह बहुत जल्दी बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
🌤️ आगे भी रहेगा ठंड का असर
मौसम जानकारों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रह सकता है और तापमान में और गिरावट की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।