
सोनभद्र सोन नदी में अवैध बालू खनन का कारोबार फल-फूल रहा एनजीटी गाइडलाइन की अनदेखी, बड़ी मशीनों से हो रहा है
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
खनन एनजीटी निर्देश के विरुद्ध हो रहा खनन जनपद के ओबरा तहसील क्षेत्र के ग्राम भगवा मौजा स्थित आराजी संख्या १५ च, में स्थित खंड 2 बालू खनन पट्टे में प्रतिबंधित बड़ी-बड़ी मशीनों का प्रयोग कर नियमों की अनदेखी कर खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है। एनजीटी की गाइडलाइन के मुताबिक 3 मीटर से अधिक गहराई में खनन कार्य नहीं होना चाहिए और मशीनों के बजाय स्थानीय मजदूरों को खनन कार्य में प्राथमिकता देकर उनको रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। सूर्यास्त के बाद खनन कार्य किसी भी दशा में नहीं किया जा सकता। यही नहीं एक तरफ जहां धड़ल्ले से बालू का अवैध खनन हो रहा है तो वहीं सोन नदी में घुसकर पानी में नाव के सहारे फ्लोटिंग मशीन का प्रयोग कर पानी के नीचे से बालू निकाली जा रही है जिससे जलीय जीव जंतु का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है। स्थानीय लोगों ने सीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अवैध खनन से पौराणिक सोन नदी के अस्तित्व पर हो रहे कुठाराघात को रोकने के साथ इसमें लिप्त लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर कमलेश पाण्डेय ने कहाँ अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत ज्येष्ठ खान कि वे मौके का औचक जांच कराई जाएगी और जहां अवैध खनन की शिकायत मिलने पर संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। । जनपद की समृद्ध सोन नदी में लंबे समय से अवैध खनन का करोबार फल फूल रहा है। अवैध खनन का हाल यह है कि आने वाले समय में इस नदी का पूरा जैविक संतुलन ही बिगड़ने की कगार पर पहुंच जाएगा। सरकार द्वारा बालू खनन के बनाए है। नियम व समय समय पर एनजीटी द्वारा जारी गाइडलाइन के बावजूद अवैध खनन खुलेआम जारी है। हालांकि ऐसा नहीं है कि प्रशासन को होने वाले अवैध खनन की जानकारी नहीं है बावजूद इसके प्रशासनिक चुप्पी संरक्षण करते हुए नजर आ रही