
दो साल पहले आई एसडीपी मशीन, अभी तक संचालन शुरू नहीं
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल के रक्त केंद्र में लगी एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) मशीन को लगे दो साल हो गए हैं। अभी तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। पहले इसे संचालित करने के लिए लाइसेंस प्रक्रिया बाधा बन रही थी।
अब वह भी बाधा दूर हो गई है। बावजूद इसके मशीन का संचालन नहीं हो रहा है। एसडीपी दान करने के लिए मंडल के लोगों को वाराणसी जाना पड़ता है। यदि यह मशीन संचालित होना शुरू हो जाए तो मंडल के लोगों को लाभ मिलेगा।डेंगू और कैंसर मरीजों को प्लेटलेट्स की पड़ती है जरूरत
प्लेटलेट्स की जरुरत ज्यादातर डेंगू और कैंसर मरीजों को होती है। रक्तदान के बाद रक्त से प्लेटलेट्स अलग किया जाता है। प्लेटलेट्स की एक यूनिट चढ़ाने पर मरीज के शरीर में चार से पांच हजार प्लेटलेट्स बढ़ता है। एसडीपी मशीन से शरीर से सिर्फ प्लेटलेट्स ही निकलता है। इसे चढ़ाने पर 20 हजार प्लेटलेट्स बढ़ता है। इससे मरीज की सेहत में तेजी से सुधार होता है।