
रुद्रा इंटरनेशनल स्कूल में मां सरस्वती की प्रतिमा का भव्य अनावरण — आस्था, ज्ञान और संस्कार का अनुपम संगम
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो: कमलेश पाण्डेय
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राजगढ़।
क्षेत्र के इंद्रानगर स्थित सीबीएसई पैटर्न पर संचालित रुद्रा इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण रहा। विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा का अनावरण अत्यंत विधि-विधान और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय परिसर भक्ति, संगीत और वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ वाराणसी से पधारे विद्वान कलाकारों द्वारा संगीतमय श्रीरामायण अखंड पाठ से हुआ, जो शुक्रवार प्रातः आरंभ होकर शनिवार दोपहर तक निरंतर चलता रहा। मधुर भजनों और दिव्य स्वर लहरियों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।
इसके उपरांत पूज्य अतुलानंद जी महाराज के सान्निध्य में विधिवत हवन-पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार एवं भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। यज्ञ की पवित्र अग्नि और मंत्रों की ध्वनि ने समस्त वातावरण को ऊर्जा एवं सकारात्मकता से भर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रयागराज से पधारे पूर्व आईजी एवं विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष के.पी. सिंह ने मंत्रोच्चार के बीच मां सरस्वती की प्रतिमा का अनावरण किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा—
“विद्यालय में मां सरस्वती की स्थापना केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान, विवेक और संस्कारों की स्थापना का प्रतीक है। इससे बच्चों को निरंतर प्रेरणा मिलेगी और वे शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों में भी समृद्ध होंगे।”
इस गरिमामय अवसर पर विद्यालय परिवार के सदस्य—प्रबंधक श्रवण सिंह, आकांक्षा सिंह, आलोक सिंह, सुभाष सिंह, नित्यानंद सिंह, संतोष जायसवाल, अनुनय तिवारी, प्रमोद मौर्य, रजनीश सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि, अभिभावक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने न केवल एक धार्मिक परंपरा को सजीव किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि शिक्षा और संस्कार का संगम ही विद्यार्थियों के समग्र विकास का आधार है।
🙏 मां सरस्वती वंदना
या कुन्देन्दु तुषारहार धवला, या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा, या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वंदिता।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
भावार्थ:
हे मां सरस्वती! आप श्वेतता, पवित्रता और ज्ञान की प्रतीक हैं। आपकी कृपा से अज्ञान का अंधकार दूर होता है और जीवन में बुद्धि, विवेक एवं विद्या का प्रकाश फैलता है। आप हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। 🙏