
बाढ़ से कोन और सीखड़ में फसलें डूबीं, गांवों के करीब पहुंचा पानी*
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मिर्जापुर। गंगा में बाढ़ से तटवर्ती इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। शनिवार को कोन और सीखड़ ब्लाॅक के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में खेत जलमग्न हो गए हैं। अब बाढ़ का पानी नालों के सहारे गांवों के करीब पहुंचने लगा है। वहीं, चुनार में टम्मलगंज के बाद कोल्हुआ घाट स्थित अंत्येष्टि स्थल और बावन जी मंदिर तक पानी पहुंच गया हैशनिवार को सुबह आठ बजे तक 68 सेंटीमीटर बढ़कर गंगा का जलस्तर 75.600 मीटर पर पहुंचा गया था। हालांकि दोपहर में बाढ़ की गति धीमी होने लगी। इसके बाद चार घंटे में मात्र एक सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी बढ़ रहा था। चेतगंज : कोन ब्लॉक के हरसिंहपुर, मल्लेपुर, तिलठी, मिश्रधाप आदि गांवों में बाढ़ से फसलें डूब गईं। किसानों को अब पशुओं की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।सीखड़ : फुलहा गांव के सोता में बाढ़ का पानी आ गया है। तिल्ली, मूंगफली, बाजरा, कोहड़ा आदि गांवों फसलें डूब गई हैं। इससे धन्नूपुर, पसियाही, विदापुर, धनैता, डोमनपुर, फुलहा, प्रेमापुर, रामगढ़, सीखड़, लालपुर, विट्ठलपुर, भुवालपुर, कठेरवा, मवैया, मुंडीपुर, मिशिरपुरा, मेड़िया, बशारतपुर आदि गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है। चुनार : नगर का टम्मलगंज मोहल्ला शुक्रवार को ही बाढ़ की चपेट में आ गया था
शनिवार को बहरामगंज मोहल्ले के कोल्हुआ घाट स्थित अंत्येष्टि स्थल की सीढि़यों और बावन जी मंदिर तक पानी पहुंच गया है। एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। जरूरत के अनुसार सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।