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सोनभद्र: सीडीओ जागृति अवस्थी की पहल पर 1000 मेधावी छात्रों के लिए ‘बाल पुस्तक मेला’ आयोजित

सोनभद्र: सीडीओ जागृति अवस्थी की पहल पर 1000 मेधावी छात्रों के लिए ‘बाल पुस्तक मेला’ आयोजित


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

 

– निपुण भारत मिशन के तहत छात्रों को वितरित किए गए द्विभाषी पुस्तक सेट – ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर बच्चों ने उकेरी अपनी कल्पना, लोक नृत्य से बांधा समां

सोनभद्र। जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता को निपुण भारत मिशन की मंशानुरूप और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्रांगण में एक भव्य ‘बाल पुस्तक मेला एवं रीडिंग कैम्पेन’ का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती जागृति अवस्थी के निर्देशन में बेसिक शिक्षा विभाग और अवादा फाउन्डेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद के 1000 मेधावी छात्रों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि श्रीमती जागृति अवस्थी और विशिष्ट अतिथि श्रीमती मधुलता अवस्थी द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर सीडीओ ने अवादा फाउंडेशन, उपक्रम फाउंडेशन और देवी फाउंडेशन द्वारा लगाए गए पुस्तक स्टालों का अवलोकन किया और बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा पुस्तकालयों हेतु उपलब्ध कराई गई कक्षावार पुस्तकों की सराहना की।

मेले में आए सभी 1000 छात्रों को उनके स्तर के अनुसार द्विभाषी पुस्तकों के सेट प्रदान किए गए। श्रीमती जागृति अवस्थी ने छात्रों और शिक्षकों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि पुस्तकों को पढ़ने की आदत ही भविष्य के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देशित किया कि इस तरह के कार्यक्रमों का अनुकरण ब्लॉक स्तर पर भी किया जाए।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों के लिए पुस्तक वाचन एवं ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विजेताओं को मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। विशेष आकर्षण के रूप में उच्च प्राथमिक विद्यालय के विज्ञान अध्यापक राजकुमार ने आईआईटी गांधीनगर की विज्ञान किट का प्रदर्शन किया। वहीं, छात्रों ने जनपद के पारंपरिक ‘लोक नृत्य’ और लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति देकर अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जादूगर के प्रदर्शन ने सभी को अचंभित किया ।

मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पुस्तकालय की पुस्तकों का नियमित उपयोग सुनिश्चित करें ताकि छात्र खेल-खेल में ज्ञानार्जन कर सकें। कार्यक्रम की मेजबानी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय द्वारा की गयी । कार्यक्रम में जनपद एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारी जिला विकास अधिकारी हेमंत सिंह , डीसी जी. राम. जी रविन्द्र सिंह , जिला पंचायतीराज अधिकारी नमिता शरण , उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता सिंह , जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, समस्त जिला समन्वयक , एसआरजी , एआरपी ने छात्रों की प्रतिभा का अवलोकन किया । कार्यक्रम का सञ्चालन अमृता सिंह और वीणा रानी श्रीवास्तव द्वारा किया गया ।

 

 

 

डिजिटल साक्षरता और गुणवत्ता से उद्यमी महिलाएं हासिल करेंगी नई ऊंचाइयां: मुख्य विकास अधिकारी

जनपद में महिला सशक्तिकरण के अभियान को गति देने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्रांगण में दो-दिवसीय सरस मेले का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने मेले का शुभारंभ करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अब स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक स्वावलंबन की नई पटकथा लिख रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ‘लखपति दीदियों’ द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन करते हुए उन्होंने महिलाओं के हुनर की सराहना की और स्थानीय उत्पादों को बाजार की मुख्यधारा से जोड़ने पर बल दिया।

स्वयं सहायता समूह की उद्यमी महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने व्यावसायिक सफलता के लिए आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल उत्पाद बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से उनका प्रचार-प्रसार करना भी अनिवार्य है। उन्होंने दीदियों को सुझाव दिया कि वे अपने उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर ध्यान दें ताकि स्थानीय स्तर पर तैयार सामानों की पहचान बड़े बाजारों तक पहुंच सके।

उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ाने के सन्दर्भ में उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और बेहतर पैकेजिंग ही किसी भी व्यवसाय की आधारशिला होती है। महिलाओं को प्रेरित करते हुए सीडीओ ने निर्देश दिए कि वे अपने उत्पादों की क्वालिटी कंट्रोल पर विशेष ध्यान दें और उन्हें आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करें। इसके साथ ही, उन्होंने डिजिटल इंडिया के संकल्प को दोहराते हुए महिलाओं को डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रियाओं से जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम अपनाने से न केवल व्यापार में पारदर्शिता आएगी, बल्कि लेनदेन में भी सुगमता होगी।

व्यवसाय के कुशल प्रबंधन पर चर्चा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने महिलाओं को अपने आय-व्यय का सटीक लेखा-जोखा और रिकॉर्ड रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन और नियमित ऑडिट से समूहों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और उन्हें बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। इस आयोजन ने न केवल स्थानीय शिल्प और उत्पादों को एक मंच प्रदान किया, बल्कि ग्रामीण महिलाओं में उद्यमिता के प्रति एक नया आत्मविश्वास भी जगाया है।


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