
विंध्याचल में तीर्थ पुरोहित के बेटे पर लगाया फायरिंग का आरोप, मुकदमा दर्ज
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर। विंध्याचल थाना अंतर्गत कोतवाली रोड निवासी यश पाठक ने तीर्थ पुरोहित अवनीश मिश्रा के बेेटे अंकितेष मिश्रा पर जान से मारने की नियत से फायरिंग का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार की रात हुई घटना के मामले में पुलिस यश पाठक की तहरीर पर मुकदमा दर्जकर जांच में जुट गई है।बृहस्पतिवार की रात अष्टभुजा पहाड़ी स्थित गेरुआ तालाब के समीप यश और उसके चाचा आशुतोष पाठक टहल रहे थे। शाम सात बजे के करीब वे चाय पी रहे थे कि तभी बंगाली चौराहा निवासी अवनीश मिश्रा के पुत्र अंकितेष मिश्रा पास आकर गाली गलौज करने लगे। जान से मारने की धमकी देने के साथ ही पिस्टल निकाल लिया। चाचा आशुतोष ने बीच बचाव करते हुए पिस्टल पकड़ ली तभी गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं। यश ने आरोप लगाया कि पहले भी उसे धमकी दे चुका है। एसओ वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, जांच की जा रही है।
मिर्जापुर। विंध्याचल थाना अंतर्गत कोतवाली रोड निवासी यश पाठक ने तीर्थ पुरोहित अवनीश मिश्रा के बेेटे अंकितेष मिश्रा पर जान से मारने की नियत से फायरिंग का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार की रात हुई घटना के मामले में पुलिस यश पाठक की तहरीर पर मुकदमा दर्जकर जांच में जुट गई है
बृहस्पतिवार की रात अष्टभुजा पहाड़ी स्थित गेरुआ तालाब के समीप यश और उसके चाचा आशुतोष पाठक टहल रहे थे। शाम सात बजे के करीब वे चाय पी रहे थे कि तभी बंगाली चौराहा निवासी अवनीश मिश्रा के पुत्र अंकितेष मिश्रा पास आकर गाली गलौज करने लगे। जान से मारने की धमकी देने के साथ ही पिस्टल निकाल लिया। चाचा आशुतोष ने बीच बचाव करते हुए पिस्टल पकड़ ली तभी गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं। यश ने आरोप लगाया कि पहले भी उसे धमकी दे चुका है। एसओ वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, जांच की जा रही है।
गेरुआ तालाब पर संदिग्धों का जमावड़ा
अष्टभुजा पहाड़ पर न केवल अष्टभुजा मंदिर व काली खोह मंदिर है बल्कि सर्किट हाउस भी है जहां वीवीआईपी आकर ठहरते हैं। उसी पहाड़ पर गेरुआ तालाब स्थित है जहां शाम ढलते ही बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों का जमावड़ा हो जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अष्टभुजा पहाड़ी पर पहले भी घटनाएं होती रही हैं। कुछ महीने पहले शाम ढलने के बाद पहाड़ पर पुलिस की गश्त और जांच तेज हो गई थी जिससे घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिली थी। इधर फिर से पुलिस ने लापरवाही बरतनी शुरू कर दी है