
बाइक स्टेकर बने ‘पत्रकार’, अवैध वसूली का धंधा तेज
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
मिर्जापुर
जिले में इन दिनों कुछ तथाकथित लोग ऑनलाइन बाइक स्टेकर और ग्रुप बनाकर खुद को पत्रकार बताने लगे हैं और अधिकारियों नाम भी लेते हैं और इसी आड़ में अवैध वसूली का खेल खुलेआम खेला जा रहा है। बिना किसी मान्यता, पंजीकरण या संपादकीय ढांचे के बनाए गए पोर्टल के जरिए ये लोग व्यापारियों, ठेकेदारों और छोटे दुकानदारों छापने का दबाव बनाकर पैसों की मांग कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक कई स्थानों पर अधिकारियों और कारोबारियों को फोन कर “नकारात्मक खबर” प्रकाशित करने क रकम नहीं देने पर सोशल मीडिया और पोर्टल पर भ्रामक या आधी-अधूरी जानकारी डाल दी जाती है। इससे न केवल संबंधित व्यक्ति की छवि प्रभावित होती है, बल्कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि पत्रकारिता एक जिम्मेदार पेशा है, जिसके लिए विधिवत पंजीकरण, संपादकीय जवाबदेही और आचार संहिता का पालन आवश्यक है। केवल एक वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज बना लेना किसी को पत्रकार नहीं बना देता। ऐसे तत्वों की वजह से ईमानदारी से काम कर रहे पत्रकारों की छवि भी धूमिल हो रही है।
जनपद में पत्रकार संगठनों ने भी मांग उठाई है कि फर्जी पोर्टल संचालकों की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पत्रकारिता की आड़ में चल रही वसूली पर रोक लग सके और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा बनी रहे।